गुना शहर में बुधवार सुबह हुई 17 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने महज 18 घंटे में खुलासा कर दिया। निचला बाजार रपटे के पास धनिया व्यापारी के कर्मचारी की आंखों में स्प्रे कर नकदी से भरा बैग लूटने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों, एक सहयोगी और एक मुखबिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूटी गई रकम में से 16 लाख 77 हजार 100 रुपये और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है।
जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह फरियादी वासुदेव शर्मा, मूल निवासी बीकानेर और वर्तमान में गुना के चौधरी मोहल्ला निवासी, कुंभराज के लिए रवाना हुए थे। उनके पास पचोर से एकत्रित 15 लाख रुपये और गुना से दो लाख रुपये सहित कुल 17 लाख रुपये का कलेक्शन था। जैसे ही वह निचला बाजार रपटे के पास पहुंचे, बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी आंखों में स्प्रे कर नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।
ये भी पढ़ें-
Raja Raghuvanshi Case: SC में सोनम का जवाब - मैं निर्दोष हूं, जमानत रद्द करने की याचिका पर दिया हलफनामा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उस समय गुना दौरे पर मौजूद आईजी अरविंद सक्सेना और एसपी हितिका वासल भी तुरंत घटनास्थल पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और छह विशेष टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी हीरो सीडी डीलक्स बाइक से आते-जाते दिखाई दिए। इसके बाद जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी की गई और तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल तथा मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी जारी किए गए।
9 जुलाई को पुलिस ने विदिशा निवासी सौरभ यादव और आरोन निवासी राघव शर्मा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 लाख 27 हजार 100 रुपये बरामद किए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वारदात की योजना उन्होंने अपने साथी रूद्र गोस्वामी के साथ मिलकर बनाई थी। लूट के बाद रूद्र बाइक से अलग दिशा में फरार हो गया, जबकि दोनों आरोपी आरोन निवासी राहुल जाटव की स्विफ्ट कार में बैठकर भाग निकले। राहुल को कार उपलब्ध कराने के बदले 50 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था।
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि व्यापारी के कर्मचारी की गतिविधियों की जानकारी उसी मकान में रहने वाले विजय उर्फ संजीव यादव ने आरोपियों को दी थी। विजय ने ही नकदी लाने-ले जाने की सूचना देकर वारदात की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने राहुल जाटव को गिरफ्तार कर उसके पास से 50 हजार रुपये और वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार जब्त कर ली। वहीं मुखबिरी करने वाले विजय यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल मुख्य आरोपी रूद्र गोस्वामी और उसका एक अन्य साथी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अब तक 16 लाख 77 हजार 100 रुपये बरामद कर चुकी है, जो लूटी गई राशि का लगभग 98 प्रतिशत है।
एसपी हितिका वासल ने बताया कि यह सफलता पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और बेहतर टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गुना पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।