जबलपुर उच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को अपने मंत्रियों के बौद्घिक स्तर की जानकारी देने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने ओदश दिया है कि पचमढ़ी में हुए राज्य के मंत्रियों के आईक्यू टेस्ट की जानकारी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध कराए।
आरटीआई कार्यकर्ता अजय दूबे की याचिका पर उच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है। अजय दूबे ने आरटीआई दायर कर राज्य में हुए 26 मंत्रियों के आईक्यू टेस्ट के परिणामों की जानकारी मांगी थी लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी गई।
अधूरी सूचना दी
अजय दूबे को जब आरटीआई से जानकारी नहीं दी गई तो उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त से अपील की। सूचना आयुक्त ने 9 मार्च 2012 को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता को पूरी जानकारी दी जाए। तब विभाग ने जानकारी तो दी, लेकिन वह अधूरी थी।
याचिकाकर्ता ने फिर से अपील दायर की। इस बार अंकों की जानकारी तो दी गई, लेकिन मंत्रियों के नाम छुपा लिए गए। मामले पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने दस्तावेजों के साथ पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रियों को सिखाए गए प्रशासन के गुर
उच्च न्यायालय में दायर याचिका के मुताबिक राज्य में स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस और आईआईएम इंदौर के सहयोग से एक और दो फरवरी 2009 को प्रशासन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई थी।
इस दौरान 26 मंत्रियों का अलग-अलग विषयों पर आईक्यू टेस्ट भी लिया गया और उसके परिणाम भी बताए गए।
मंत्रियों का रिपोर्टकार्ड आए सामने
याची की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि यह पूरा कार्यक्रम सरकारी खर्च पर किया गया था। मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने आना चाहिए। ऐसे में जानकारी सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं है।