मध्य प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर एक अधिकारी 26 साल से नौकरी कर रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद गैस राहत विभाग में कार्यरत अनुभाग अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
जहांगीराबाद पुलिस के मुताबिक रणधीर सिंह ने 1990 में अनुसूचित जनजाती के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर गैस राहत विभाग में नौकरी हासिल कर ली थी। सिंह मूलतः गाडरवाड़ा के रहने वाले हैं और वहीं से इस प्रमाण पत्र को जारी किया गया था।
एडवोकेट एबी दुबे ने गाडरवाड़ा थाने में जब इस बात की शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने सिंह के प्रमाणपत्र की जांच कराई। जांच में इस बात का खुलासा हो गया कि सिंह का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है।
जांच में जो मामला सामने आया उससे पता चला कि कूटरचना कर जाति प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। फिलहाल रणधीर पर धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।