मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित दिव्यांग आश्रम में मूक बधिर युवती के साथ हुए रेप मामले की अब परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। इस आश्रम में कई मूक बधिर लड़कियां रहती हैं। बताया जा रहा है कि लड़कियों को हर महीने पीरियड रोकने वाला इंजेक्शन लगाया जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें खाने के बाद नींद की दवा भी दी जाती थी।
दरअसल, शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम काउंसलर के साथ आश्रम पहुंची थी, जहां ये चौंकाने वाले खुलासे हुए। छानबीन के दौरान विभाग की टीम को आश्रम से गर्भनिरोधक इंजेक्शन और गोलियां बरामद हुई हैं। खुलासे के मुताबिक, अगर कोई लड़की नींद की गोली खाने से इनकार करती थी तो उसे खाने में मिलाकर दवाई दी जाती थी।
बता दें कि गुरुवार शाम महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से पुलिस को ये शिकायत मिली थी कि स्नेहालय ट्रस्ट द्वारा संचालित आश्रम में एक मूक-बधिर युवती के साथ रेप की वारदात हुई है, जिससे युवती गर्भवती भी हो गई थी और उसके बाद उसका गर्भपात भी कराया गया था और भ्रूण को आश्रम परिसर में ही जला दिया गया था।
इस मामले में पुलिस ने स्नेहालय आश्रम के संचालक डॉ. वीके शर्मा और उनकी पत्नी डॉ. भावना शर्मा सहित 9 लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, गर्भपात और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर किया था, जिसके बाद बीके शर्मा, उनकी पत्नी डॉ. भावना शर्मा, मैनेजर जेपी शर्मा, डॉ. विकास साहू, सुपरवाइजर रवि वाल्मीकि, कंपाउडर गिर्राज बघेल को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस मामले में डॉ. पुष्पा मिश्रा, काम करने वाली बाई प्रभा यादव और प्रमुख आरोपी साहब सिंह गुर्जर चौकीदार अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। साथ ही इस मामले की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह के पुराने मामले भी दबाए तो नहीं गए हैं?