ऐसे वक्त में जब देश के हर राज्य खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) के टैग को हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं, मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक सरकारी हॉस्टल की 100 से अधिक लड़कियों को खुले में नहाने और शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर माडियादोह गांव में स्थित हॉस्टल में टायलेट तो हैं लेकिन पानी की कमी के कारण ये उपयोगी नहीं हैं। यही वजह है कि छात्राओं को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हॉस्टल की वार्डन कांति अहीरवार ने बताया कि पिछले एक महीने से हॉस्टल की कक्षा छठी से 12वीं की छात्राओं को यह समस्या झेलनी पड़ रही है।
माडियादोह गांव स्थित हॉस्टल में पानी की कमी के कारण छात्राओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
उन्होंने बताया कि 100 से अधिक छात्राएं यहां हैं जिन्हें हॉस्टल से दो किलोमीटर दूर एक नाले के पास जाना होता है। हास्टल के दोनों बोर वेल सूखे पड़े हैं जिससे यहां बीते एक महीने से पानी नहीं है। इस वजह से छात्राएं नाले के पास जाने को मजबूर हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान वह छात्राओं के साथ होती हैं। अहिरवार ने बताया कि जिले के वरिष्ठ अधिकारियों एवं केंद्र सरकार के शिक्षा कार्यक्रम ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के वरिष्ठ अधिकारियों को पानी की कमी की समस्या के बारे में सूचित किया गया है लेकिन हालात में कोई बदलाव नहीं आया है।