ग्वालियर के भंवरपुरा थाना क्षेत्र से गायब हुई एक किशोरी को तीन बार बेचने के बाद वह गुना से मिली है। गुना जीआरपी पुलिस ने रेलवे स्टेशन से किशारी को बरामद करने के साथ-साथ उसकी खरीद फरोख्त से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
गुना जीआरपी ने किशोरी को ग्वालियर पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता को 15 दिन में तीन बार खरीदा और बेचा गया। किशोरी के साथ पकड़े गए कल्याण सिंह निवासी गांव रूनिया ग्वालियर और साहिब राव निवासी मांगलिया इंदौर ने किशोरी को अपना रिश्तेदार बताया और इंदौर छोड़ने जाने की बात कही। पुलिस शक होने पर तीनों को थाने ले आई।
किशोरी से पूछताछ के बाद हकीकत सामने आई। ग्वालियर के भंवरपुरा क्षेत्र में रहने वाली इस किशोरी की शादी एक साल पहले हुई थी। शादी के बाद उसका पति उसे लेने नहीं आया। तब ठाठीपुर निवासी सूरज नाकम युवक उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ठाठीपुर ले गया। जहां कुछ दिन तक रखकर सूरज ने उसे अपने दोस्त मोनू रावत के पास छोड़ दिया।
मोनू ने आठ दिन तक किशोरी के साथ जबरदस्ती की। उसके बाद सूरज और मोनू ने मिलकर किशोरी को कल्याण सिंह को बेच दिया। यहां कल्याण ने साहिब राव को किशोरी बेचने के लिए इंदौर बुला लिया। दोनों उसे इंदौर ले जाने वाले थे, लेकिन स्टेशन पर पुलिस के पहुंचने से किशोरी को बचा लिया गया।
किशारी के साथ पकड़े गए कल्याण सिंह और साहिब राव दोस्त हैं और इंदौर स्थित एक कंपनी में काम करते हैं। साहिब राव की उम्र 42 साल है। साहिब राव की शादी नहीं हो पा रही थी और उसने कल्याण सिंह को लड़की देखने के लिए कहा था। आरोपियों के खिलाफ दुष्कृत्य, नाबालिग की खरीद करने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।