जाम में फंसी एम्बुलेंस जिसमें डेढ़ साल की बच्ची ने दम तोड़ा
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दमोह में एक एम्बुलेंस के ट्रैफिक जाम में फंस जाने से एक डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। एक शादी की बारात के कारण एम्बुलेंस आधे घंटे तक जाम में फंसी रह गई और अस्पताल नहीं पहुंच सकी। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस आईडी ने कहा है कि वे कार्रवाई करेंगे ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
मध्यप्रदेश में दमोह के नजदीक घंटाघर इलाके में शादी की बारात निकल रही थी जिसकी वजह से सड़क पर जाम लग गया और इसमें एक एम्बुलेंस भी आधे घंटे तक फंस गई। एम्बुलेंस में एक डेढ़ साल की बच्ची थी जो गंभीर रूप से बीमार थी और उसे जिसे इलाज के लिए दमोह के जिला चिकित्सालय ले जाया जा रहा था।
Madhya Pradesh: One and a half year old girl dies after the ambulance carrying her was stuck in a traffic jam for half an hour due to a Baaraat procession near Damoh's Ghanta Ghar area pic.twitter.com/TjwBSHApCk— ANI (@ANI) December 6, 2017
इस घटना पर सागर रेंज के आईजी सतीश चंद सक्सेना ने कहा है कि उन्होंने घटना का संज्ञान लिया है और इस पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि, 'हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसे जुलूस के दौरान गाड़ियों और एम्बुलेंस को खुला रास्ता मिलें।'
Have taken cognizance of the incident and will take action. We will ensure vehicles and ambulances get a clear way during such processions in the future: Satish Chand Saxena, IG Sagar Range pic.twitter.com/4nlZzmLjD7— ANI (@ANI) December 6, 2017
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एंबुलेंस के लिए 'रास्ते का अधिकार' के स्पष्ट दिशानिर्देश दे रखे हैं। लेकिन यह कागजों में ही सिमटकर रह गया है और निर्दोष लोग ट्रैफिक में जिंदगी के लिए कानून के रखवालों के रहमोकरम पर आश्रित हैं।