जबलपुर में पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार करने वाले दो तत्कालीन सीईओ तथा दो उपयंत्रियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों ने पात्र व्यक्तियों के नाम की सूची बदलकर अपात्र व्यक्तियों को मकान का आवंटन कर दिया था। इसके अलावा राशि वितरण में भी भ्रष्टाचार किया था। सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू जबलपुर डीएस राजपूत ने बताया कि निवाड़ी जिले के जैरोनखालसा नगर पंचायत में हुए प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले की जांच के निर्देश शासन ने दिए थे। जांच में पाया गया कि कलेक्टर द्वारा अनुमोदित की गई सूची से 70 हितग्राहियों के नाम काटकर 115 ऐसे व्यक्तियों के नाम जोड़े गए, जिनका किसी सूची में नाम नहीं था। इसके अलावा 55 व्यक्तियों को जियो टैगिंग किए बिना ही एक लाख रुपये की पहली किस्त प्रदान कर दी गई थी। इसके अलावा 98 व्यक्तियों को अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की बजाय 30 हजार रुपये दिए गए थे।
ईओडब्ल्यू की जांच के बाद तत्कालीन सीईओ उमा शंकर मिश्रा व नवाब सिंह तथा उपयंत्री सृजन गुप्ता व अभिषेक सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। चारों आरोपियों को टीकमगढ़ जिले की विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।