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नकली थंब इंप्रेशन के सहारे फर्जी परीक्षार्थी देते थे परीक्षा, दो गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 09 Mar 2019 09:54 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक नकल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ये गिरोह कोई आम नहीं बल्कि हाईटैक तरीके से नकली परीक्षार्थी से परीक्षा दिलवाता था। एसएससी द्वारा आयोजित अर्द्ध सैनिक बल की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा यहां के बीवीएम कॉलेज में आयोजित की गई थी।



इस परीक्षा में मूल परीक्षार्थी के थंब इंप्रेशन की क्लोनिंग कर एक फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा दे रहा था। उसके अंगूठे पर त्वचा के रंग की एक परत चढ़ी थी। इस परत पर मूल परीक्षार्थी के अंगूठे की छाप थी। पुलिस ने फर्जी परीक्षार्थी के साथ एक दलाल को भी पकड़ा है।

समीक्षक ने पकड़ी चोरी

रायपुर से आए समीक्षक रवि कुमार ने बायोमीट्रिक जांच के दौरान फर्जी परीक्षार्थी के अंगूठे पर कुछ चिपका हुआ देखा। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो आरोपी ने कहा कि उसका अंगूठा जल गया है। ये उसी का निशान है। जब उसका अंगूठा देखा गया तो पता चला कि उसपर त्वचा की एक परत चढ़ी हुई है, जिसपर अंगूठे की छाप है। उससे पूछताछ करने के बाद दलाल की गिरफ्तारी हुई।



जानकारी के मुताबिक फर्जी परीक्षार्थी का नाम हरिओम तोमर (26) और दलाल का नाम अमन सिकरवार (26) है। मूल परीक्षार्थी धर्मेंद्र सिंह सहित ये दोनों भी मुरैना जिले के ही रहने वाले हैं। दलाल अमन के कहने पर ही हरिओम परीक्षा देने गया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद शुक्रवार को रिमांड पर भेज दिया गया है।

पहले भी कर चुके हैं ये काम

पुलिस को दलाल के पास से 5 प्रवेश पत्र और छोटी डिब्बियों में रखे गए उनके थंब इंप्रेशन मिले हैं। इनके आधार कार्ड भी मिले हैं। आने वाले दिनों में इनकी परीक्षा थी। इससे पता चलता है कि परीक्षार्थियों से ठेका लेकर ये काम दोनों कई बार कर चुके हैं। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले ऐसा गिरोह राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया था।

एक अंगूठे पर चिपकाते हैं थंब इंप्रेशन

बताया जा रहा है कि गर्म वैक्स पर थंब इंप्रेशन लेने के बाद ये गिरोह अंगूठे पर चिपकाते थे। यानी पहले गर्म वैक्स को सतह पर डाला जाता है, फिर मूल परीक्षार्थी के अंगूठे पर फिश ऑइल लगाकर उसके अंगूठे पर थंब इंप्रेशन लेते हैं।



इंप्रेशन आने के बाद वैक्स पर क्यूफिक्स की परत बिछा देते हैं। फिर इसे अंगूठे पर चिपकाया जाता है। यही वजह है कि जब बायोमीट्रिक मशीन पर जांच की जाती है तो थंब इंप्रेशन अलग नहीं निकलता।

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