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MP सरकार में मंत्री रहे लक्ष्मीकांत गिरफ्तार

Mon, 16 Jun 2014 02:03 PM IST
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल
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मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्चशिक्षा और जनसंपर्क मंत्री रहे लक्ष्मीकांत शर्मा को विशेष कार्यदल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर संविदा वर्ग दो और तीन के शिक्षकों की भर्ती में हेराफेरी करने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के पूर्व निदेशक पंकज त्रिवेदी को सिफारिश करने के आरोप हैं। लक्ष्मीकांत शर्मा को रविवार की रात जेल में गुजारनी पड़ेगी। उन्हें सोमवार को रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।
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एसटीएफ की टीम रविवार की सुबह करीब 6-7 बजे ही लक्ष्मीकांत शर्मा के 74-बंगला स्थित निवास पर पहुंच गई थी। दोपहर करीब दो बजे तक लक्ष्मीकांत शर्मा से पूछताछ करने के बाद उन्हें एसटीएफ के थाने ले जाया गया। वहां शाम तक पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की घोषणा कर दी है।

उनसे पूछताछ और गिरफ्तारी के समय विदिशा के जिला महामंत्री श्यामसुंदर शर्मा जरूर उपस्थित रहे और लक्ष्मीकांत शर्मा को पूरे मामले में निर्दोष बताते रहे। एसटीएफ ने गिरफ्तारी के समय सबूतों का कोई जिक्र नहीं किया है।
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मामले में सौ से ज्यादा गिरफ्तारियां

अब तक एसटीएफ सौ से भी ज्यादा गिरफ्तारियां इस मामले में कर चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में भर्ती किए गए लोग, बिचौलिए और व्यापम के अधिकारी हैं।

लेकिन लक्ष्मीकांत शर्मा और सुधीर शर्मा की गिरफ्तारी नहीं किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे थे। दोनों ही भाजपा के नेता हैं। एसटीएफ का कहना रहा है कि पूरी जांच पेशेवराना ढंग से हो रही है और हाईकोर्ट पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।

विपक्षी दल कांग्रेस यह सवाल उठाती रही है कि एसटीएफ प्रभावशाली लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। अब एसटीएफ ने ऐसे समय कार्रवाई की है जब विधानसभा का सत्र आरंभ होने वाल है। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे का कहना है कि पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। इसमें कई बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे।
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कई भर्तियों में पाई गईं गड़बड़ियां

भाजपा का रुख यही रहा है कि मामले की निगरानी हाईकोर्ट कर रहा है, इसलिए कोई पक्षपात करने का सवाल ही नहीं उठता। व्यापम में भर्ती घोटाला 2013 में सामने आया था। इसमें पाया गया कि कई भर्तियों में व्यापक गड़बड़ियां की जा रही थीं।

व्यापम में कई कर्मचारी हेराफेरी में शामिल पाए गए और भर्तियों की सिफारिशों के मामले में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का नाम भी सामने आया।

एफआईआर की समरी में उमा भारती का नाम आने की खबरें भी आई थीं। जिन्हें लेकर उमा भारती ने नाराजगी जाहिर की थी। उसके बाद प्रदेश के डीजीपी ने उमा भारती से मुलाकात की थी।
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