उमा भारती ने मंदिर के बाहर से जल चढ़ाकर अभिषेक किया।
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उमा भारती अपने समर्थकों के साथ सोमवार को रायसेन किले पहुंची। यहां पर उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उमा भारती ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हम ताला नहीं तोड़ते। राम जन्मभूमि आंदोलन में भी हमारा नारा था कि आगे बढ़ो, जोर से बोलो और राम जन्मभूमि का ताला खोलो। हमारा नारा ताला तोड़ो नहीं था।
रायसेन किले में सोमेश्वर शिव मंदिर में लगे ताले की तरफ इशारा कर उमा बोली कि यह ताला बहुत छोटा है। यह टूट सकता है। मेरे एक घूसे से ताला टूट जाएगा। लेकिन हम मर्यादा में रहेंगे। हम मर्यादा पुरुषोत्तम राम के वंशज हैं। राधेश्याम वशिष्ठ के नेतृत्व में यहां बहुत बड़ा आंदोलन हुआ था। हिंदू महासभा ने यहां बहुत बड़ा उत्सव किया। यहां ताला खुला और पूजा शुरू हुई। अब मैं चाहती हूं कि हमें बहुत जल्दी ये अवसर मिले। केंद्रीय पुरातत्व विभाग से राज्य पुरातत्व विभाग संपर्क करें। यहां के प्रशासन को ताला खोलने का अधिकार मिले। फिलहाल ये अधिकार अभी प्रशासन के पास नहीं है। मेरा ये संताप ऐसे दूर नहीं हो सकता, इसलिए मैं जब तक ताला नहीं खुलेगा, तब तक के लिएआज से अन्न का त्याग कर रही हूं।