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शिव के लिए उमा ने छोड़ा अन्न: रायसेन के सोमेश्वर मंदिर की तालाबंदी पर घमासान, पूर्व सीएम ने बाहर से किए दर्शन

Mon, 11 Apr 2022 02:29 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की नेता उमा भारती सोमवार को रायसेन किले में स्थित सोमेश्वर शिव मंदिर पहुंचीं। उमा भारती ने मंदिर में दरवाजे के बाहर से ही शिवलिंग का अभिषेक किया। उन्होंने मंदिर का ताला खुलने तक अन्न त्याग करने की घोषणा की है। 
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रायसेन किले में उमा ने मंदिर के बाहर से की पूजा अर्चना - फोटो : अमर उजाला
रायसेन के सोमेश्वर शिव मंदिर का घमासान बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती अपने वादे के अनुसार 11 अप्रैल को शिव मंदिर में अभिषेक करने पहुंची। इस मसले पर उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को किसी तरह की चुनौती न देते हुए शिव मंदिर में दरवाजे के बाहर से शिवलिंग का अभिषेक किया। फिर दरवाजे के पास बैठकर मीडिया से बातचीत में घोषणा कर दी कि जब तक मंदिर के ताले नहीं खुलेंगे, तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगी।  

     
 
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उमा भारती ने मंदिर के बाहर से जल चढ़ाकर अभिषेक किया। - फोटो : सोशल मीडिया
उमा भारती अपने समर्थकों के साथ सोमवार को रायसेन किले पहुंची। यहां पर उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उमा भारती ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हम ताला नहीं तोड़ते। राम जन्मभूमि आंदोलन में भी हमारा नारा था कि आगे बढ़ो, जोर से बोलो और राम जन्मभूमि का ताला खोलो। हमारा नारा ताला तोड़ो नहीं था।
 



रायसेन किले में सोमेश्वर शिव मंदिर में लगे ताले की तरफ इशारा कर उमा बोली कि यह ताला बहुत छोटा है। यह टूट सकता है। मेरे एक घूसे से ताला टूट जाएगा। लेकिन हम मर्यादा में रहेंगे। हम मर्यादा पुरुषोत्तम राम के वंशज हैं। राधेश्याम वशिष्ठ के नेतृत्व में यहां बहुत बड़ा आंदोलन हुआ था। हिंदू महासभा ने यहां बहुत बड़ा उत्सव किया। यहां ताला खुला और पूजा शुरू हुई। अब मैं चाहती हूं कि हमें बहुत जल्दी ये अवसर मिले। केंद्रीय पुरातत्व विभाग से राज्य पुरातत्व विभाग संपर्क करें। यहां के प्रशासन को ताला खोलने का अधिकार मिले। फिलहाल ये अधिकार अभी प्रशासन के पास नहीं है। मेरा ये संताप ऐसे दूर नहीं हो सकता, इसलिए मैं जब तक ताला नहीं खुलेगा, तब तक के लिएआज से अन्न का त्याग कर रही हूं।
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रायसेन किले पर स्थित शिव मंदिर पर लगा है ताला। - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है यह पूरा मामला 
सीहोर वाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव-पुराण कथा में कहा था कि रासयेन किले में शिवजी कैद है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य लोगों को इसे खुलवाना चाहिए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ऐलान किया था कि 11 अप्रैल को वह शिवलिंग का अभिषेक करेंगी। इसके लिए रायसेन कलेक्टर को पत्र भी लिखा था। रायसेन कलेक्टर ने उन्हें जवाब दिया था कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार मंदिर के ताले नहीं खुलवा सकते। मंदिर केंद्रीय पुरातत्व विभाग, भरतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है। शिव मंदिर के गर्भगृह को खोलने निर्णय जिला प्रशासन और राज्य सरकार नहीं ले सकती। इस संबंध में जिला प्रशासन ने केंद्रीय पुरातत्व विभाग को सूचित किया है। यदि पुरातत्व विभाग ताला खोलने की अनुमति देता है तो आपको जिला प्रशासन तुरंत सूचित करेगा।
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रायसेन किले में स्थित शिव मंदिर, जिसके दरवाजे साल में एक बार खुलते हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
शिव मंदिर पर क्यों लगा है ताला 
सोमेश्वर महादेव मंदिर को लेकर विवाद नया नहीं है। केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने मंदिर पर ताले डाल रखे हैं। 1974 तक तो मंदिर में प्रवेश तक बंद था। तब एक बड़ा आंदोलन हुआ था। उस समय के मुख्यमंत्री और दिवंगत कांग्रेस नेता प्रकाशचंद सेठी ने खुद किला पहाड़ी स्थित मंदिर के ताले खुलवाए थे। महाशिवरात्रि पर एक बड़ा मेला आयोजित हुआ। तब से साल में एक बार महाशिवरात्रि पर ताला खोलने की परंपरा शुरू हुई। 
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