मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा की 27 सीटों के उप चुनाव के पहले सत्तापक्ष भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के कथित तौर पर असंतुष्ट नेताओं का दल बदल करने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को भाजपा की पूर्व विधायक पारुल साहू प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गईं।
कांग्रेस में पारुल साहू का स्वागत करते हुए कमलनाथ ने कहा, 'मैं वास्तव में खुश हूं कि साहू ने प्रदेश के वर्तमान हालात को देखते हुए कांग्रेस में शामिल होने का एक सही फैसला किया है। यह उनकी घर वापसी है।' कमलनाथ ने सत्तारूढ़ भाजपा पर झूठी घोषणाएं कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं पर तंज करते हुए कमलनाथ ने कहा, 'चौहान अपनी जेब में हमेशा एक नारियल रखते हैं और जहां भी उन्हें मौका मिलता है, वह घोषणा करते हुए नारियल तोड़ देते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश को बदनाम करने का काम किया है।
मार्च माह में कांग्रेस की 15 माह पुरानी सरकार गिराने के बाद भाजपा की सत्ता वापसी का अप्रत्यक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर ने भी नहीं सोचा होगा कि मध्यप्रदेश में इस तरह की अनैतिक घटना घटेगी। उन्होंने कहा कि यह उप चुनाव प्रदेश का भविष्य तय करेगा।
सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट से 2013 में भाजपा की विधायक बनी पारुल साहू ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि उन्होंने ‘घर वापसी’ की है और वह इससे बहुत खुश हैं। साहू को वर्ष 2018 में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था । वह शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गयीं।