मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को राजधानी भोपाल में गो कैबिनेट की पहली बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के आगर में गायों को लेकर रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने राज्य में गायों की सुरक्षा के लिए कैबिनेट का गठन किया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास से वर्चुअल मोड के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता की और भगवान कृष्ण और गायों को समर्पित त्योहार 'गोपाष्टमी' के अवसर पर प्रतिभागियों को बधाई दी और इसके बाद उन्होंने सालरिया गौ अभयारण्य में गौ पूजन किया।
बैठक के बाद सीएम चौहान ने कहा, पशुओं से संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव मिलकर गौ रक्षा और संवर्धन के लिए काम करेंगे। इस मुद्दे को केवल पशुपालन विभाग द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। वहीं बताया गया है कि सीएम आगर जिले के सालरिया स्थित गो-अभयारण्य में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां पर वह तीन अहम घोषणा कर सकते हैं।
सीएम चौहान ने बुधवार को गाय की सुरक्षा और संवर्धन के लिए एक अलग कैबिनेट बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि गायों के लिए स्थापित यह देश का पहला निकाय है। इसमें प्रदेश के पशुपालन, वन, पंचायत और ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और किसान कल्याण विभाग के मंत्री शामिल किए गए हैं।
गो-कैबिनेट इन बातों पर हुई चर्चा
- सरकार के मुताबिक, राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोधन का प्रयोग किया जाएगा।
- प्रदेशभर में स्थित गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। अधिकारी गाय के गोबर और उसके प्रयोग को लेकर काम शुरू करेंगे।
- मध्यप्रदेश और देश में कई गोशालाएं और संस्थाएं इस दिशा में बेहतर काम कर रही हैं। सीएम चौहान ने स्वसहायता समूहों को गोशालाओं का संचालन करने की सहमति दी।
- मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में गौशालाओं को निर्माण किया जाएगा। इसके लिए आमजन की भी सहायता ली जाएगी।