फर्जी तरीके से गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) की सूची में नाम शामिल कराने वालों के खिलाफ राज्य सरकार पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने वाली है। यह घोषणा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने विधानसभा के प्रश्नकाल में अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के सुझाव पर की।
फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों का मसला कांग्रेस के महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने अपने एक प्रश्न के जरिये उठाया था। उनका कहना था कि बीपीएल सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम कोटे जायें और पात्रों के साथ न्याय कर उनके नाम जोड़े जायें।
अध्यक्ष रोहाणी ने कालूखेड़ा से सहमत जातायी और भार्गव की इस बात को नकार दिया कि अब सूची में नाम शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आपने ही अभी कहा था कि यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। सरकार को चाहिए कि पात्र लोगों के नाम जोड़ने तथा अपात्रों के नाम काटने का काम एक साथ चलाया जाए।
अध्यक्ष ने यह भी सुझाव दिया कि हर शहर में अपात्रों द्वारा गलत जानकारी के आधार पर सूची में नाम दर्ज कराने के खिलाफ कम से कम एक एफआईआर दाखिल कराई जाए, जिससे अपात्रों में डर व्याप्त होगा और वह ऐसा करने से बचेंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने अध्यक्ष रोहाणी के सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस पर अमल करेगी और फर्जी तरीके से बीपीएल सूची में नाम शामिल कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।