किसानों का 10 दिवसीय आंदोलन शुक्रवार को शुरू हो गया। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने और कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान हड़ताल पर हैं। जिससे देशभर के कई राज्यों में दस दिन तक दूध, सब्जी और फल की सप्लाई प्रभावित रहेगी। वहीं कई जगहों पर सब्जियों की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
मध्यप्रदेश में सब्जियों और दूध की कालाबाजारी शुरू हो चुकी है। यहां कई इलाकों में सब्जियों के दाम 20 से 50 फीसदी महंगे बेचे जा रहे हैं। लेकिन सरकार ने भी इस पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है।
गोदामों की तलाशी की तैयारी
सरकार सब्जियों के लाइसेंसी थोक कारोबारियों के गोदामों की तलाशी की तैयारी कर रही है। तलाशी में यह देखा जाएगा की कहीं सब्जियों को सप्लाई तो नहीं रोकी जार रही। ऐसा होने पर कार्रवाई के भी आदेश दिए जा चुके हैं।
बता दें कि मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, रतलाम सहित कई जिले हाई अलर्ट पर हैं तो कई जगह धारा 144 लागू कर दी गई है। वजह है पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में हुए गोलीकांड की बरसी जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी।
राज्य सरकार किसी भी हाल में यह नहीं चाहेगी एक बार फिर एसी स्थिति का सामना करना पड़े। लिहाजा कमर कस ली गई है लेकिन किसानों में आक्रोश है और वह राज्यभर में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं।