मध्य प्रदेश में किसान ऋण मुक्ति योजना के तहत किसानों ने कर्जमाफी फार्म भरने का काम शुरू कर दिया है। कर्जमाफी की प्रक्रिया के दिन गुजरने के साथ ही गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं, हालांकि कर्जमाफी को लेकर यह पहली लापरवाही नहीं है इससे पहले भी कर्जमाफी मे काफी गड़बड़ियों की खबरें सामने आई है।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा के निपनिया बैजनाथ के एक किसान शिवलाल कटारिया ने बुधवार को बताया कि उसका नाम कृषि ऋण माफी की सूची में शामिल है, जिसमें 23,815 रुपये के ऋण से केवल 13 रुपये माफ हुए हैं।
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने वचन पत्र में किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कमलनाथ ने कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत कर दिए थे। 15 जनवरी से आवेदन भरने का काम शुरू हो गया। राज्य में पांच फरवरी तक आवेदन भरे जाने हैं और 22 फरवरी से कर्ज की राशि किसानों के खातों में जाने लगेगी। इस योजना से 55 लाख किसानों को लाभ होना है और कुल 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ होना है।
कर्जमाफी की प्रक्रिया के साथ-साथ गड़बड़ियां भी शुरू हो गईं हैं। राज्य सरकार द्वारा दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई फार्म भराए गए, परन्तु किसान का 23,815 रुपये का कर्ज था, लिहाजा उम्मीद थी कि सारा कर्ज माफ हो जाएगा। मगर पंचायत में जो सूची आई है, उसमें सिर्फ 13 रुपये कर्ज माफ हुआ है।
किसान शिवलाल ने आगे कहा, 'हम ईमानदार किसान हैं, लगातार कर्ज चुकाते आए हैं' परन्तु कर्मचारी ने बताया कि 'जिस तारीख से कर्ज माफ हुआ है, उस तारीख को तुम पर कर्ज नहीं था, कर्ज माफी में गड़बड़ी हुई है।
इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई है.'सरकार का कहना है कि इस तरह की कर्ज देने से संबंधित जो गड़बड़ी सामने आरही है इस पर आवश्यक जाँच एवं कार्यवाही की जाएगी। प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा, 'कर्ज देने में जो गड़बडियां हुई हैं, अब सामने आ रही हैं. इस पर कार्यवाही की जा रही है।