राजस्व की टीम ने फैक्टरी को किया सील।
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लोन लेकर बैंक का पैसा हजम करने की नीयत रखने वालों को सावधान हो जाना चाहिए। क्योंकि, अगर व्यवसाय करने के लिए लोन लेना चाहते हैं तो बैंक का लोन चुकाना भी पड़ेगा। नहीं तो बैंक फैक्टरी सील करेगी और आने वाले दिनों में अधिक कीमत में फैक्टरी की जमीन भी बेच देगी। इसी तरह का मामला उज्जैन में सामने आया है।
इंडियन ओवरसीज बैंक के विपिन सातोरिया ने बताया कि बैंक ने 2016 में फैज मोहम्मद नामक व्यापारी को एक करोड़ का लोन फैक्टरी खोलने के लिए दिया था। व्यापारी फैज मोहम्मद ने धतरावदा में फैक्टरी खोली थी। लेकिन, पिछले एक साल से वह बैंक की किस्तें नहीं भर रहा था। नोटिस दिए जाने के बाद भी उसने ध्यान नहीं दिया। इस पर बैंक ने वसूली के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था।
इसके बाद कलेक्टर और तहसीलदार के आदेश पर पुलिस बल के साथ पांच गाडियों में बैंक के अफसर पहुंचे और फैक्टरी को सील कर दी। पिछले साल यह 1.17 करोड़ का मामला एनपीए हो गया था। सातोरिया ने बताया कि अब बैंक इस संपत्ति को जल्द से जल्द नीलाम करके अपनी रकम को वसूलेगा।