मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की है कि केंद्रीय लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में अंग्रेजी के अंकों को अंतिम परिणाम में न जोड़ा जाए।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में चौहान ने यूपीएससी परीक्षा में अंग्रेजी के पेपर के अंकों को अंतिम परिणाम में जोड़ने को अनावश्यक और जनता विरोधी कदम करार दिया है।
उन्होंने कहा है कि अंग्रेजी के अंकों को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाना देश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के युवकों की उम्मीदों पर ही नहीं बल्कि शहरी मलिन बस्तियों और शहरी गरीब और मध्यवर्गीय युवाओं के मनोबल पर भी हमला है।
इस पत्र की एक कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय ने मीडिया को भी जारी की है। चौहान ने कहा कि इन वर्गों से संबंधित कई युवाओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य संबंधित सेवाओं में जगह पक्की की है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के युवक अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के साथ प्रतियोगिता में पिछड़ जाएंगे।