मध्यप्रदेश के इंदौर के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कालेज इन दिनों अलग उलझन में हैं। कालेजों को निर्देश दिया गया है कि महू में होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की रैली के लिए 100-100 कालेजों को भेजा जाए।
यह रैली संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में 14 अप्रैल को होनी है, जिसको लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को यकीन नहीं है कि मोदी की रैली में लोग पहुंचेंगे इसलिए छात्रों को ले जाया जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार कालेजों को कहा गया है कि वह छात्रों को पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम भी करें और उनके साथ एक शिक्षक-शिक्षक को भी भेजा जाए।
सहायक कमिश्नर (जाति कल्याण) मोहिनी श्रीवास्तव की ओर से 7 अप्रैल को यह पत्र कालेजों को भेजे गए हैं। इंदौर से तीस किलोमीटर दूर होने वाली यह रैली अंबेडकर के जन्मदिवस पर होगी।
प्रशासन का तर्क स्वयंसेवक के रूप में सीखेंगे छात्र
नोएडा में मोदी का स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला, नोएडा
वहीं प्रशासन की ओर से भेजे गए निर्देश ने कालेजों की मुसीबत बढ़ा दी है, क्योंकि कई कालेजों के पास अपनी बस नहीं है तो कुछ में अभी परीक्षाएं चल रही हैं। इस संबंध में सहायक कमिश्नर मोहिनी श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में बुलाया गया है जिनसे वह भीड़ को व्यवस्थित करने में मदद कर सकें।
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कालेज अपनी मर्जी से छात्रों को वहां भेज रहे हैं। जहां वह पीएम मोदी की रैली में स्वयंसेवा तो करेंगे ही काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा। ज्यादातर स्वयंसेवकों को भोजन और पानी वितरण वाली जगह पर तैनात किया जाएगा।
उन्होंने सफाई दी कि हम उन्हीं लोगों को बुलाएंगे जो खुद इच्छुक होंगे। यदि वे नहीं करते हैं तो हम वहां क्या कर सकते हैं। जो छात्र रैली में भाग लेंगे उन्हें इसके सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।
वहीं उच्च शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक डा. आरएस वर्मा ने कहा हम केवल उन्हीं लोगों को स्वयंसेवक बनने के लिए कहा गया है जो एनसीसी और एनएसएस से जुड़े हैं।
कांग्रेस ने की भाजपा की आलोचना
मोदी शाह
- फोटो : pti
काफी कालेजों के पास अपने वाहन नहीं हैं लेकिन उन्होंने आश्वस्त किया है वे 400 छात्रों को वहां भेजेंगे। सभी छात्र सुबह 7 बजे अपने अपने कालेजों में पहुंच जाएंगे, लेकिन उनका रैली में भाग लेना इस पर निर्भर करता है कि कितने वाहनों की व्यवस्था हो पाती है।
वहीं कांग्रेस ने इसको लेकर भाजपा पर निशाना साध दिया है, कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि इस तरह के निर्देश पहले कभी नहीं दिए गए। भाजपा को यकीन नहीं है कि मोदी की रैली में पर्याप्त लोग पहुंच पाएंगे, इसलिए छात्रों को जबरन भीड़ बढ़ाने के लिए ले जाया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी का कहना है कि छात्रों को वहां एक प्रयोग के तौर पर शामिल किया जा रहा है की कैसे ऐसे आयोजनों में पुलिस की उपस्थिति कम की जाए। मोदीजी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं, इसलिए काफी संख्या में छात्र आयोजन में शामिल होंगे।