मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अब सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से और अधिक राशि आसानी से निकाल सकेंगे। वे अब साल में अधिकतम जमा राशि का 75 प्रतिशत निकाल पायेंगे। जबकि अभी तक केवल 50 फीसदी ही निकाल सकते थे। साथ ही उन्हें राशि निकालने के लिए कोई कारण बताने की भी जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि कर्मचारियों को भविष्य निधि से राशि निकालने के लिए कोई कारण बताने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में राशि बिना देरी के समय पर निकाली जा सकेगी। ऐसा शासन में सुधार और तेजी लाने के मकसद से किया गया है। ध्यान योग्य है कि अभी तक सामान्य भविष्य निधि खाते से नियम 16 में विशेष कारणों से संबंधित प्रकरणों में आहरण की स्वीकृति देने का अधिकार उच्चस्तरीय अधिकारियों के पास होता था। इस कारण राशि निकालने की मंजूरी मिलने में काफी देर हो जाती थी।
इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद ने निर्माण और विकास कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन का पुनर्निरीक्षण करने का फैसला किया है। इससे सुशासन और त्वरित निर्णय लेने के लिए अधिकारों का विकेंद्रीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान वित्तीय अधिकारों से ऐसे मदों को हटाया जाएगा जो प्रासंगिक नहीं रह गए हैं और नए मदों को शामिल किया जाएगा।