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चुनाव आयोग ने इमरती देवी के चुनाव प्रचार करने पर लगाई एक दिन की रोक

Sun, 01 Nov 2020 12:24 AM IST
देव कश्यप एएनआई, भोपाल
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imarti devi - फोटो : Twitter
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मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर तीन नवंबर को वोटिंग होनी है। इस बीच चुनाव आयोग ने कमलनाथ के बाद अब भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी पर कार्रवाई की है। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन पर भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के मध्यप्रदेश में कहीं भी एक नवंबर को एक दिन के लिए सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों, रैलियों, रोड शो में भाग लेने और मीडिया को साक्षात्कार देने पर रोक लगा दी है। 

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आदेश में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मिली शक्तियों के आधार पर निर्वाचन आयोग भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को मध्यप्रदेश में कहीं भी किसी भी तरह की जनसभा, जुलूस, रैलियां, रोड शो और मीडिया में साक्षात्कार के साथ सार्वजनिक बयान जारी करने पर रोक लगाता है।
 


कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम से मांगा स्पष्टीकरण

वहीं, कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम द्वारा 27 अक्तूबर को मध्यप्रदेश के जौरा, मुरैना में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग ने 48 घंटे के भीतर आचार्य प्रमोद कृष्णम से स्पष्टीकरण मांगा है।

 

मुरैना के जौरा में सभा करने पहुंचे कृष्णम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना कंस, शकुनी और मारीच से की थी। इस सभा में राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे।

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कृष्णम ने कहा कि 'त्रेता में मामा मारीच हुए। द्वापर युग में कंस मामा का नाम रहा। इसके बाद शकुनी मामा ने छल और प्रपंच से पांडवों को बर्बाद कर दिया। तीनों मामाओं का कमीनापन निचोड़ दिया जाए, तो इससे मिलकर शिवराज मामा बनता है।'

 

बता दें कि इससे पहले निर्वाचन आयोग कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर चुका है। बीते दिनों आयोग ने कमलनाथ को स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर कर दिया था। इसके बाद शनिवार को कमलनाथ ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

दरअसल कमलनाथ डबरा सीट से उम्मीदवार इमरती देवी के खिलाफ विवादित बयानबाजी के चलते चुनाव आयोग के निशाने पर आ गए थे। मध्यप्रदेश उपचुनाव के मद्देनजर चुनावी बयानबाजी का स्तर भी काफी नीचे जा रहा है। आयोग कई वरिष्ठ नेताओं को उनकी विवादित बयानबाजी के चलते नोटिस भेज चुका है। इन दिग्गजों में कमलनाथ, इमरती देवी और कैलाश विजयवर्गीय के नाम भी शामिल हैं।

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