पूरी दुनिया में रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। लोग हर साल दशहरे के मौके पर रावण के पुतलों का दहन करते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक ऐसा परिवार रहता है, जिसकी आज से नहीं बल्कि करीब 75 वर्षों से रावण पर गहरी आस्था है। पूरा परिवार हर दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ रावण की पूजा करता है। परिवार के लोग रावण को अपना गुरू भी मानते हैं। उन्हें विश्वास है कि रावण इष्ट के रूप में उनके सारे संकटों को दूर करते हैं।
दमोह शहर के सिंधी कॉलोनी में रहने वाले गुनामल नागदेव सिंधी को करीब 75 साल पहले रावण का फोटो मिला। जब वो उसे घर लेकर पहुंचे, तो उनके पिता ने बताया कि रावण हमारे इष्ट हैं और हम इनकी पूजा करते हैं। इसके बाद से घर में रावण की पूजा का क्रम लगातार जारी है। बीते 75 साल से वे भी पूजा कर रहे हैं।
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