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Dussehra 2022: मध्यप्रदेश का नागदेव परिवार 75 वर्षों से कर रहा रावण की पूजा, दशानन को मानते हैं अपना गुरू

Wed, 05 Oct 2022 07:15 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह शहर के सिंधी कॉलोनी में रहने वाले गुनामल नागदेव सिंधी के घर पर करीब 75 वर्षों से रावण की ईष्ट के रूप में पूजा की जा रही है। घर के सभी सदस्य रोजाना रावण की पूजा करते हैं।
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रावण की पूजा करने वाला नागदेव परिवार - फोटो : अमर उजाला
पूरी दुनिया में रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। लोग हर साल दशहरे के मौके पर रावण के पुतलों का दहन करते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक ऐसा परिवार रहता है, जिसकी आज से नहीं बल्कि करीब 75 वर्षों से रावण पर गहरी आस्था है। पूरा परिवार हर दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ रावण की पूजा करता है। परिवार के लोग रावण को अपना गुरू भी मानते हैं। उन्हें विश्वास है कि रावण इष्ट के रूप में उनके सारे संकटों को दूर करते हैं।

दमोह शहर के सिंधी कॉलोनी में रहने वाले गुनामल नागदेव सिंधी को करीब 75 साल पहले रावण का फोटो मिला। जब वो उसे घर लेकर पहुंचे, तो उनके पिता ने बताया कि रावण हमारे इष्ट हैं और हम इनकी पूजा करते हैं। इसके बाद से घर में रावण की पूजा का क्रम लगातार जारी है। बीते 75 साल से वे भी पूजा कर रहे हैं।

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रावण की पूजा करता नागदेव परिवार - फोटो : अमर उजाला
लंकेश के नाम से बनी पहचान
दमोह में रेस्टोरेंट का कारोबार करने वाले हरीश नागदेव जो कि गुनामल के बेटे हैं। उन्हें लोग लंकेश के नाम से ही जानते हैं। हरीश का कहना है कि उन्होंने अपने पिता को रावण का पूजन करते हुए देखा, तो उन्होंने भी पूजन शुरू कर दिया। बीते 48 साल से वह भी पूजन करते आ रहे हैं। उनका विश्वास है कि रावण कर्मकांडी ब्राह्मण थे, जो शिव भक्त भी थे। वह हमारे हर संकट को दूर करते हैं।  

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दमोह के अलावा मंदसौर में नामदेव समाज के लोग भी रावण की पूजा करते हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
रावण की पूजा देखकर हैरान रह गई थी बहू
हरीश नागदेव की पत्नी रेशमा ने बताया कि 24 साल पहले जब विवाह के बाद वह ससुराल पहुंची, तो देखा कि यहां रावण की पूजा हो रही है। वह हैरत में पड़ गई, लेकिन परिवार के लोगों की रावण के प्रति आस्था देखकर उनका मन भी रावण की पूजा करने को हो गया और तब से बिना कोई सवाल किए वह भी रावण के प्रति अपनी अटूट आस्था रखती है।
 
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