दूसरे साल बाढ़ के बने हालात के पीछे लोग जिला प्रशासन और नगर पालिका की लापरवाही को प्रमुख वजह बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की साफ-सफाई न होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए है।
शिवपुरी में शनिवार रात हुई जोरदार बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए।शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव होने के बाद कई घरों में पानी भर गया। सड़कों पर खड़े वाहन पानी में तैरते हुए नजर आए। घरों में पानी भर जाने के बाद लोगों में आक्रोश भी दिखाई दिया। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लोगों ने आरोप लगाए है कि पिछले साल भी बारिश के वजह से कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। जिसके बाद लोगों को भारी नुकसान हुआ था। लोगों का आरोप है कि पिछले साल हुए नुकसान के बाद भी जलभराव को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किए।
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बारिश का पानी आने के बाद रिहायशी इलाके हुए तालाब में तब्दील
- फोटो : amar ujala
इन कॉलोनियों में हुई हालत खराब
शहर में बारिश की वजह शहर के कई कॉलोनियों में हालात खराब हो गए। रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, नाई की बगिया, गायत्री कॉलोनी, शंकर कॉलोनी, विष्णु मंदिर के सामने, महावीर नगर प्राइवेट बस स्टैंड के पास, नवाब साहब रोड, पुराना बस स्टैंड, होटल आइस पैलेस के पास, माई की बगिया के पास, ठंडी सड़क आदि में पानी भर गया।
भारी बारिश के बाद पानी में बही कार
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घरों में पानी भरने से लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
शिवपुरी में दूसरे साल बाढ़ के बने हालात के के पीछे लोग जिला प्रशासन और नगर पालिका की लापरवाही को प्रमुख वजह बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की साफ-सफाई न होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों गलत तरीके से नालियां बनाई गई हैं। जिसकी वजह से कई बस्तियों और कॉलोनियों में पानी भर जाता है। विष्णु मंदिर के सामने स्थित एक नाले में कार ही पानी में बह गई।
रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, रेस्क्यू दल ने पकड़ा
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रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, रेस्क्यू दल ने पकड़ा
शहर में तेज बारिश की वजह से हुए जलभराव के बाद एक मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। लगभग 16 फुट का मगरमच्छ कॉलोनी के अंदर घुसने की वजह से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मामले की जानकारी पर नेशनल पार्क की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ा गया। माधव राष्ट्रीय उद्यान के रेस्क्यू प्रभारी एसके शर्मा मगरमच्छ को चंदपाठा झील में छोड़ दिया गया है।