पक्की सड़क के लिए ग्रामीणों का हल्लाबोल
जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई। पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुरमी टोला, कनेरी रैयत और कछरा टोला के ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों और बच्चों ने मेंहदवानी-शहपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा।
सड़क पर बैठे ग्रामीण और स्कूली बच्चे
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण और स्कूली बच्चे सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। चक्काजाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा और मार्ग पर आवाजाही बाधित रही।
बारिश में और खराब हो जाती है सड़क की स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांवों तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क की सुविधा नहीं है। बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़क के कारण रोजमर्रा के कामकाज के साथ बच्चों का स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
ये भी पढ़ें: जबलपुर: तीन दशक पुराने 300 रुपये के रिश्वत मामले में पटवारी को राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की सरकार की अपील
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों तक अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में स्कूली बच्चों की मौजूदगी ने भी सड़क समस्या की गंभीरता को सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांव के विकास की बुनियादी जरूरत है। पक्की सड़क बनने से गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क बेहतर होगा और बारिश सहित अन्य मौसम में लोगों को आवागमन की परेशानी से राहत मिलेगी।
प्रशासन ने ग्रामीणों से की चर्चा
चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग गांवों तक पक्की सड़क का निर्माण है। उनका कहना है कि जब तक समस्या का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के प्रदर्शन ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग पर क्या कदम उठाता है और लंबे समय से चली आ रही सड़क समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।