जिले की करंजिया थाना पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरस्वती बाई और उनके 10 वर्षीय बेटे हिमांशु की हत्या के मामले में एक राजमिस्त्री को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी रोशन (32) को गाड़ासरई तिराहे से गिरफ्तार किया गया है। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
यह सनसनीखेज वारदात 20 मई की रात करंजिया थाना क्षेत्र के रुसा गांव में हुई थी। सरस्वती बाई अपने दो बच्चों के साथ घर में थीं और रात करीब 10.30 बजे आरोपी रोशन घर में घुस आया। सरस्वती उस समय छत पर मोबाइल पर अपने भतीजे से बात कर रही थीं। रात करीब 12 बजे रोशन ने सरस्वती से पूछा कि वह किससे बात कर रही है। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। गुस्से में आकर रोशन ने लोहे की रॉड से सरस्वती पर हमला कर दिया।
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मां को घायल होता देख बेटे हिमांशु और बेटी परिधि ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सरस्वती और परिधि गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और मुंबई भाग गया। अगली सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा खोलने पर तीनों लहूलुहान हालत में मिले। घायल मां-बेटी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंजिया, फिर जिला अस्पताल और बाद में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान 27 मई को सरस्वती की भी मौत हो गई।
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गंभीर रूप से घायल बेटी परिधि ने ही आरोपी की पहचान की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रोशन कोविड काल में घर निर्माण के दौरान सरस्वती के संपर्क में आया था। सरस्वती के पति शुभकरण की मौत दो साल पहले हो चुकी थी।
पुलिस ने आरोपी की तलाश में मुंबई तक दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में आरोपी की लोकेशन गाड़ासरई तिराहे पर मिली, जहां से उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। बालाघाट आईजी द्वारा आरोपी पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एसपी वाहिनी सिंह ने मामले की सफलता पर पुलिस टीम को प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है।