डिंडौरी के सरई विद्यालय के छात्रों ने शिक्षक दंपती पर मानसिक प्रताड़ना, कक्षा बंद कर बरामदे में पढ़ाने और अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगाए। छात्रों ने कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र स्थित सरई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने मंगलवार को कलेक्टर से मिलकर विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि उन्हें पढ़ाई की बजाय मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। इस शिकायत को जिला प्रशासन तक पहुंचाने में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने छात्रों की मदद की और उन्हें कलेक्टर से मिलवाया।
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मोहदा गांव के छात्र हकीम मथेश ने बताया कि कला संकाय की 11वीं कक्षा में लगभग 20 छात्र हैं, लेकिन शिक्षक राजेंद्र झरिया कक्षा में ताला बंद कर देते हैं और छात्रों को बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर करते हैं। इसके साथ ही वे छात्रों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक उन्हें "राजनीति करने वाला" कहकर डराते हैं और सार्वजनिक रूप से फटकारते हैं।
15 वर्षों से पदस्थ शिक्षक दंपती पर भी आरोप
छात्रों ने बताया कि शिक्षक राजेंद्र झरिया और उनकी पत्नी सुशीला झरिया पिछले 15 वर्षों से एक ही विद्यालय में पदस्थ हैं। दोनों का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और वे छात्रों की समस्याएं सुनने की बजाय उन्हें चुप कराने का प्रयास करते हैं। छात्रों ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने इन्हीं शिक्षकों के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्राचार्य ने किया आरोपों से इनकार, बताया साजिश
विद्यालय की प्राचार्य कीर्ति मरावी ने छात्रों की शिकायतों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विद्यालय में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है। उन्होंने उल्टा आरोप लगाया कि गांव का एक व्यक्ति छात्रों को भड़का रहा है और विद्यालय की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो वे उचित कार्रवाई करेंगी।
जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
छात्रों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस बार भी उनकी शिकायत अनसुनी रही, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।