मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा की पदयात्रा पर तंज कसा है। दिग्विजय ने इंदौर में बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा अपने कार्यकर्ताओं को एक महीने के लिए हर पंचायत में पदयात्रा करने के लिए कह रही है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे वहां क्या करेंगे और वे गांधी जी को कैसे पेश करेंगे? वो गांधी के पक्ष में होंगे या गोडसे के पक्ष में होंगे?
दिग्विजय सिंह को कहा कि जिस दिन संसद में मोदी सरकार ने (जम्मू-कश्मीर से जुड़ा) अनुच्छेद 370 हटाया, उस दिन अगर महात्मा गांधी जिंदा होते, तो वह उसी दिन दिल्ली के लाल किले से श्रीनगर के लाल चौक की अपनी यात्रा की घोषणा कर देते।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा कहते थे कि कश्मीर समस्या का हल जम्हूरियत (लोकतंत्र), कश्मीरियत और इंसानियत से मिल सकता है, लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इन तीनों सिद्धांतों को विदा देकर उनकी (अटलजी) इस विचारधारा को समाप्त कर दिया।