मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए विधायकों को पैसा देकर उनकी खरीद फरोख्त कर रही है। जिसपर राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान आया है। उनका कहना है कि मैं विधायकों से कह रहा हूं फोकट का पैसा मिल रहा है, ले लो।
दिग्विजय सिंह का कहना है कि 2018 में भी भाजपा ने सरकार बनाने के लिए कुछ कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी। हालांकि यह अभियान विफल हो गया क्योंकि कांग्रेस विधायकों ने उनके विचार को खारिज कर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री बनने को लेकर शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच मतभेद थे।
230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं। उसकी सरकार चार निर्दलीय विधायक, दो बसपा विधायक और एक सपा विधायक पर टिकी हुई है। वहीं भाजपा के 104 विधायक हैं। इस महीने राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं। वर्तमान में तीन में से दो सीटें भाजपा के पास हैं।
किसी भी पार्टी को राज्यसभा की एक सीट के लिए 58 वोट चाहिए। भाजपा और कांग्रेस बहुत आसानी से एक-एक सीट जीत सकते हैं। वहीं तीसरी सीट के लिए भाजपा के पास 49 और कांग्रेस के पास 56 वोट हैं। जिसके कारण निर्दलीय और दोनों पार्टियों के वोट काफी अहम हो जाते हैं।