भोपाल में चार घंटे चला सियासी ड्रामा खत्म हो गया है। कांग्रेसियों के घुटने तोड़ने की धमकी देने वाले भाजपा के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और दिग्विजय सिंह ने अपने-अपने कार्यक्रम के मुताबिक रामधुन की। रास्ता ब्लॉक होने की वजह से दिग्विजय न तो रामेश्वर के घर जा सके और न ही रामेश्वर उनका घर पर स्वागत कर सके। दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम तो हलवा-पूड़ी के निमंत्रण पर प्रसाद लेने आए थे। पुलिस ने जाने ही नहीं दिया।
यह मामला बड़ा दिलचस्प है। पिछले दिनों रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें हुजूर विधानसभा के कटखेड़ा गांव में वह कह रहे थे कि यदि कोई कांग्रेस का आदमी आए तो उसके घुटने तोड़ दो। इसके जवाब में 20 नवंबर को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा- "मैं कांग्रेसी हूं, जिसमें ताकत हो तो मेरे घुटने तोड़ दे। मैं गांधीवादी हूं। हिंसा का जवाब अहिंसा से दूंगा। 24 नवंबर को मैं महात्मा गांधी की मूर्ति से रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जाकर प्रभु से उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूंगा।"
दिग्विजय का घर पर स्वागत करने के लिए भाजपा विधायक ने एक दिन पहले ही अपने घर बड़ा-भारी मंडप लगवा लिया। हलवा-पूड़ी का निमंत्रण भी उन्हें दे दिया। दिग्विजय के स्वागत के लिए टेंट लगाया। इसमें बुधवार सुबह से ही रामधुन भी शुरू हो गई। साधु-संतों के साथ-साथ रामेश्वर के समर्थक भी बड़ी संख्या में उनके निवास पर थे। प्रसाद के तौर पर पूडी-सब्जी और हलवा भी बना।
उधर, दिग्विजय सिंह पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ मिंटो हॉल पहुंचे। वहां करीब दो घंटे रामधुन गाई। फिर रामेश्वर के घर तक पैदल यात्रा पर भी निकले। रास्ते में जगह-जगह बैरिकेटिंग की गई थी। दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों को पुलिस ने रोका, जिसके बाद दिग्विजय सिंह कार्यक्रम खत्म कर कार में बैठकर वहां से निकल गए।
हिंसा पर अहिंसा का जीत
दिग्विजय सिंह ने पैदल यात्रा से पहले दो ट्वीट किए। पहले तो लिखा यह हिंसा पर अहिंसा की जीत है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घुटने तोड़ने वाले भाजपा विधायक ने कांग्रेसियों के सामने घुटने टेके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया हलवा-पूडी का निमंत्रण।
इसके बाद उन्होंने लिखा कि हे भाजपाईयों, हे संघियों, हमारे साथ बैठकर रामधुन गाओ। रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सब को सन्मति दे भगवान। और भारतीय संविधान का पालन कर सभी धर्मों का सम्मान करो।
अच्छा है 'चचाजान' अब रामधुन गाएंगे: मिश्रा
दिग्विजय सिंह की रामधुन पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अच्छा है, चचाजान अब रामधुन गाएंगे। गुरुवार को बुधवार, बुधवार को गुरुवार कह रहे थे। प्रसादी खाने को मना कर रहे थे। इफ्तारी खाने को कभी उन्होंने मना नहीं किया। उनकी यात्रा बहुत विचित्रताएं लिए रहती हैं। मेरे ख्याल से उन्हें प्रसाद खाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए दिग्विजय सिंह जी को कि रामधुन गाने पर कहीं उनके खिलाफ सोनिया गांधी जी या राहुल गांधी जी फतवा जारी न कर दें।
अच्छा है ’चचाजान’ अब रामधुन गाएंगे। दिग्विजय सिंह जी को एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि रामधुन गाने पर कहीं #SoniaGandhi जी या #RahulGandhi जी उनके खिलाफ फतवा नहीं जारी कर दें।
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- Dr.Narottam Mishra (@drnarottammisra) 24 Nov 2021