कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों को पत्र लिखकर तबादलों और अन्य कार्यों के बारे में लिखे गए उनके पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश भाजपा ने कहा कि दिग्विजय के पत्र से मालूम होता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश कांग्रेस सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
अपने पत्र में दिग्विजय ने मंत्रियों से मिलने के लिए 31 अगस्त तक समय देने का आग्रह किया है ताकि वह जान सकें कि उनकी सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई है।
दिग्विजय ने मंत्रियों को अपने पत्र में लिखा, ‘मेरे द्वारा जनवरी 2019 से 15 अगस्त 2019 तक स्थानांतरण सहित विविध विषयों से संबंधित आवेदन पत्र आवश्यक कार्यवाही हेतु आपकी ओर अग्रेषित किए थे।
मेरे द्वारा आपको पृथक से पत्र लिखकर मेरे पत्रों पर की गई कार्रवाई से अवगत कराने और यदि किसी प्रकरण में कार्रवाई संभव नहीं है तो उसकी जानकारी देने का भी अनुरोध किया गया था। मेरे द्वारा आपको प्रेषित उक्त पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानने के लिए मैं आपसे 31 अगस्त 2019 के पूर्व भेंट करना चाहता हूं। कृपया 31 अगस्त 2019 से पूर्व मुझे भेंट हेतु समय प्रदान करने का कष्ट करें।
इस पत्र की पुष्टि करते हुए प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व विभाग के मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा, दिग्विजय सिंह जी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। अगर वह अपने पत्र पर कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं तो इसमें क्या गलत है। राजपूत ने कहा, न केवल दिग्विजय सिंह जी, बल्कि सभी नेता और मंत्री उनके द्वारा लिखे गए पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, इस पत्र की भाषा से पता चलता है कि वे (दिग्विजय सिंह) चाहते हैं कि मंत्री उनके प्रति जिम्मेदार हों, न कि सरकार चला रहे कांग्रेस नेताओं के प्रति। वहीं, प्रदेश के अधिकारी इस बात को लेकर भी उलझन में हैं कि प्रदेश में वास्तविक मुख्यमंत्री कौन है। इससे पता चलता है पार्टी के एक नेता द्वारा मंत्रियों को उनके प्रति जवाबदेह होने के लिए कहा जा रहा है।