सेक्टर प्रभारी की बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह के बयान ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। एक तरफ दिग्गी राजा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘नकलराज’ बताया। वहीं, दूसरी तरफ वे कटनी के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक संजय पाठक को बिना नाम लिए कई मुद्दों में घसीटते नजर आए। दरअसल, सेक्टर प्रभारी की बैठक में शामिल होने कटनी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर नीखरा का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
'शिवराज नकलराज हैं जो मामू बनाकर ठग रहे'
इस दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 20 साल बाद अचानक बहनों की याद आई। हिमाचल पर 2019 में हमने जो योजना बनाई अब उसे लाडली बहना योजना का नाम दे रहे हैं। वे नकलराज हैं जो मामू बनाकर ठग रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार उद्योगपति की सरकार है। जहां कमलनाथ ने पहली बार रिजर्व बैंक से सेटलमेंट करते हुए किसानों का कर्जा माफ किया। वहीं, मोदी जी ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों का साढ़े 12 लाख करोड़ का कर्जा माफ किया। वहीं, दिग्विजय सिंह ने कहा कि सतना और पन्ना की आदिवासी जमीन को भाजपाई खरीद कर सीमेंट फैक्ट्रियों को कई गुना ज्यादा दामों में बेच रहे हैं।
'भाजपा नेताओं की वजह से कटनी को मिली सट्टेबाजी केंद्र होने की शोहरत'
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कटनी के पूर्व मंत्री संजय पाठक को दल बदलू शब्द से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने बताया था कि वहां 40 पर्सेंट लगता था और जो रेत माफिया जानता है कि कितना हिस्सा उनका है, कितना हिस्सा यहां के मुख्यमंत्री, मंत्री और यहां के हमारे दल बदलू विधायक जी का है।
क्रिकेट सट्टा के मामले पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यहां के भाजपा के बड़े नेता और सहयोगियों के चलते कटनी को केंद्र होने की शोहरत मिली है। इसकी जांच खुद गुजरात पुलिस कर रही है, लेकिन एमपी पुलिस इसे दबाए बैठी है। शिवराज सिंह कहते हैं कि मैं बैटिंग रोक दूंगा। अरे आपके लोग बैटिंग में दलाली खा रहे हैं। क्या कारण है कि कटनी और दतिया क्रिकेट बैटिंग के अड्डे बन चुके हैं।
अंत में पूर्व सीएम ने कहा कि जिस प्रकार से अवैधानिक रूप से पैसे बांटकर, ठगकर हमारी कमलनाथ जी सरकार गिराई है। जनता उसका उत्तर इस बार जरूर देगी। इस बार एमपी में कांग्रेस 150 सीटें लेकर आएगी।