मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल की अदालत ने शुक्रवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट विधानसभा में हुई कथित फर्जी नियुक्ति के मामले में अदालत में हाजिर नहीं होने की वजह से जारी किया गया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा ”मध्यप्रदेश पुलिस अगर चाहे तो मुझे गिरफ्तार कर सकती है। मैं अदालत में उपस्थित होउंगा और ज़मानत के लिए अर्जी दूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, ”ये मामला काफी पुराना है और व्यापमं मामले में फंसी सरकार मुझे निशाना बना रही है। ये नियुक्तियां मैंने अकेले नहीं की थीं बल्कि इन्हें केबिनेट के निर्णय के बाद किया गया था।”
भोपाल पुलिस ने दिग्विजय सिंह और सात अन्य के खिलाफ मध्यप्रदेश विधानसभा में हुई नियुक्तियों के मामले में शुक्रवार को ही चालान पेश किया। दिग्विजय सिंह और दूसरों के खिलाफ भोपाल में मामला पिछले साल दर्ज किया गया था।
ये मामला 1993-2003 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई 17 नियुक्तियों के बारे में है। इस मामले में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच जस्टिस सचिंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में एक कमेटी ने की थी।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में 2006 में ही सौंप दी थी और इसमें नियुक्तियों को अवैध माना गया था। इससे पहले दिग्विजय सिंह से इस मामले पर एक लंबी पूछताछ की जा चुकी है।