पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक वीडियो जारी कर गुलाम नबी आजाद का नाम लेकर कहा कि हो सकता है कि आपके कश्मीर से 370 धारा हटाने वालों से संबंध हो गए हों। दिग्गी ने कहा कि आपने पत्र में लिखा कि आज भारत जोड़ने अभियान न चलाकर कांग्रेस जोड़ो अभियान चलाना चाहिए। वो भी उस वक्त जब आप स्वयं कांग्रेस पार्टी तोड़कर निकल गए। राहुल गांधी पर लगाए आपके आरोप निराधार हैं। सिंह ने कहा कि जब सोनिया गांधी इलाज के लिए विदेश गई हैं। तब आप यह कदम उठा रहे हैं। मुझे कतई आपसे यह उम्मीद नहीं थी। इस संकट काल में आपको खड़े होकर कांग्रेस का साथ देना चाहिए। आपने जो इस्तीफा दिया है और जो पत्र लिखा है उसकी मैं घोर निंदा करता हूं।
दिग्विजय सिंह ने गुलाम नबी आजाद को लेकर कहा कि जम्मू कश्मीर में नहीं जीत पाते थे तो उनको महाराष्ट्र से जिताया। दो दो बार लोकसभा का सदस्य बनाया। पांच बार यानी 30 साल तक राज्यसभा में रखा। मुख्यमंत्री, मंत्री बनाया। आज वे बात कर रहे हैं कि वे 2013 में राहुल गांधी जी के पत्रकारों के सामने एक ऑर्डिनेस फाड़ देने पर बहुत आहत हुए थे। सिंह ने कहा कि आपको आपत्ति थी तो 2014 में आपने राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद क्यों स्वीकार किया। मंत्री मंडल से इस्तीफा क्यों नहीं दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह सब बहानेबाजी बंद करिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं और गुलाम नबी आजाद दोनों एक उम्र के हैं। दोनों एक साथ ही राजनीति में आए। 1977 के विधानसभा चुनाव में वे नहीं चुने गए और उनकी जमानत जब्त हुई। कश्मीर से लड़े थे। मैं 1977 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और चुनाव जीत कर आया। इसके बाद वह देश के अखिल भारतीय युवक कांग्रेस कमेटी में महामंत्री और अध्यक्ष रहे। मैं मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस कमेटी में महामंत्री रहा। हमारे उनके बड़े अच्छे संबंध रहे। आज भी हैं, लेकिन मुझे इस बात का दु:ख है कि जिस पार्टी ने उन्हें सबकुछ दिया। आज वे उसे अलविदा कह रहे हैं।