औद्योगिक क्षेत्र खेरवास में स्थापित सोया प्लांट एवं वंडर सीमेंट फैक्ट्री द्वारा ग्राम पंचायत को संपत्ति कर सहित अन्य बकाया राशि नहीं दिए जाने समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को शुरू हुआ सरपंच रेखा मालवीय का धरना और उनके प्रतिनिधि रजनीश मालवीय का आमरण अनशन प्रशासन की समझाइश के बाद समाप्त हो गया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे एसडीएम प्रियंका मीमरोट और तहसीलदार सुरेश नागर ने वंडर सीमेंट एवं सोया प्लांट के अधिकारियों की मौजूदगी में धरना दे रही सरपंच और ग्रामीणों से चर्चा की। इस दौरान दोनों कंपनियों के अधिकारियों ने गांव के विकास में पूरा सहयोग देने, नियमानुसार कार्य करने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता देने सहित अन्य मांगों पर आश्वासन दिया। प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के आश्वासन के बाद एसडीएम एवं तहसीलदार ने सरपंच रेखा मालवीय और उनके प्रतिनिधि रजनीश मालवीय को जूस पिलाकर धरना एवं आमरण अनशन समाप्त करवाया।
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सात सूत्रीय मांगों को लेकर दिया था धरना
सरपंच की प्रमुख मांगों में ग्राम पंचायत का संपत्ति कर एवं बकाया राशि जमा करवाना, विस्थापित बस्ती में सीमेंट-कांक्रीट रोड और नाली का निर्माण, सामुदायिक भवन का नियमानुसार किराया देना और क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत करवाना शामिल था। इसके अलावा आंगनवाड़ी भवन को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति, फैक्टरी से निकलने वाले प्रदूषित जल का उचित निस्तारण, विस्थापित परिवारों को पात्रता के अनुसार रोजगार और सोया प्लांट में स्थानीय ग्रामवासियों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी की गई थी।
बुधवार को बनेगी विकास कार्यों की रूपरेखा
एसडीएम प्रियंका मीमरोट ने बताया कि पंचायत जनप्रतिनिधियों और दोनों कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा के बाद धरना समाप्त करवाया गया है। बुधवार को कंपनी और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गांव में विकास कार्यों को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सभी कार्य करवाए जाएंगे।