धार जिले की धरमपुरी तहसील की धामनोद नगर परिषद की कार्यप्रणाली सवालों में है। स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर के अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक ने क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने के आरोप लगाए हैं, तो सीएमओ ने भी पूरे मामले में अपना पक्ष रखा है।
नगर परिषद सीएमओ माया मंडलोई के अनुसार उनके द्वारा नगर के विकास के लिए रोड निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों के 22 कार्य आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा कार्य नहीं किए जा रहे हैं। वहीं इस मामले में कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरा है, सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक की मंत्री नहीं सुन रहीं, अधिकारी विधायक की नहीं सुन रहे और सरकार के भीतर ही कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने इस घटनाक्रम को भाजपा की “अंदरूनी खींचतान और वर्चस्व की राजनीति” से जोड़ा।
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यह था मामला
धरमपुरी से भाजपा विधायक कालुसिंह ठाकुर ने 9 अक्तूबर से सावित्री ठाकुर के निवास के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है। विधायक कालू सिंह ठाकुर का मुख्य आरोप धामनोद नगर परिषद की सीएमओ माया मंडलोई की कार्यप्रणाली को लेकर है। विधायक का कहना है कि सीएमओ को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की गईं, प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर मामला उठाया गया और कार्रवाई के प्रयास हुए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। विधायक के अनुसार धामनोद में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उनका दावा तमाम अधिकारियों के समक्ष भी मुद्दा उठाया, लेकिन समाधान नहीं होने के बाद अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस घोषणा के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि जब धरमपुरी विधानसभा स्वयं विधायक की है और केंद्रीय मंत्री भी भाजपा से ही हैं, तो भाजपा के विधायक को अपनी ही पार्टी की केंद्रीय मंत्री के घर के सामने धरने पर क्यों बैठना पड़ रहा है? धामनोद नगर परिषद के गतिरोध को लेकर विधायक पहले भी आवाज उठा चुके हैं। ऐसे में एक ही दल के दो बड़े जनप्रतिनिधियों के आमने-सामने आने से पार्टी किसका समर्थन करेगी, इस पर सबकी नजर है।
ठेकेदार काम नहीं कर रहे
इधर नगर परिषद सीएमओ माया मंडलोई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके द्वारा नगर के विकास के लिए रोड निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों के 22 कार्य आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा कार्य नहीं किए जा रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि उन्होंने ठेकेदारों को कई बार सूचना पत्र जारी किए हैं। साथ ही वरिष्ठ कार्यालय, नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी पार्षद और एल्डरमैन को भी परिषद प्रस्ताव करने तथा काम नहीं करने वाले ठेकेदारों की राशि राजसात कर निविदा निरस्त और ब्लैकलिस्टेड की कार्रवाई के लिए अनेक बार पत्राचार किया है। उन्होंने कहा कि नगर में एमपीयूयूडीसी द्वारा सीवरेज योजना संचालित है, जिससे धामनोद की हर गली और हर रोड खोद दी गई है। काफी अव्यवस्थाएं फैली हैं। सीवरेज एजेंसी द्वारा न तो नगर परिषद से किसी कार्य की अनुमति ली गई और न ही कार्य ठीक से किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। माया मंडलोई ने कहा कि उन्हें लोकायुक्त एफआईआर के विरुद्ध माननीय हाईकोर्ट इंदौर से स्टे ऑर्डर प्राप्त हुआ है।
सिंघार की एंट्री से बदला राजनीतिक समीकरण
धामनोद के घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष एवं गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पोस्ट में सिंघार ने सवाल उठाया कि “मध्यप्रदेश में आखिर चल क्या रहा है?” उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर के घर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की बात कर रहे हैं। विधायक का आरोप है कि अधिकारी उनकी सुन नहीं रहे, शिकायतों के बावजूद सीएमओ माया मंडलोई पर कार्रवाई नहीं हो रही और विकास कार्य ठप पड़े हैं। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक की मंत्री नहीं सुन रही, अधिकारी विधायक की नहीं सुन रहे और सरकार के भीतर ही कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है।