धार जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामीणों के सरकारी राशन में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देशन तथा एसडीएम विशाल धाकड़ और जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीराम बार्डे के मार्गदर्शन में खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित पंचायतों में पहुंचकर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
मामला-1
मामला-2
आरोपी नूरसिंह पिता मालसिंह के पास डही ब्लॉक के ग्राम रणगांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भी संचालन था। यहां स्थिति बड़दा से बिल्कुल उलट मिली। दुकान पर भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली और आवश्यक बैनर-पोस्टर नहीं लगे थे। सबसे बड़ी अनियमितता यह रही कि पोर्टल के अनुसार उपलब्ध होना वाला राशन मौके से पूरी तरह गायब मिला। भौतिक सत्यापन में 141 क्विंटल गेहूं, 65 क्विंटल चावल सहित नमक और शक्कर का स्टॉक नहीं मिला। गायब राशन का बाजार मूल्य करीब 6.63 लाख रुपये बताया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी एक स्थान पर राशन का अतिरिक्त स्टॉक रख रहा था, जबकि दूसरी दुकान से राशन गायब था।
मामला-3
सुनीता मसराम, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है। आम जनता और गरीबों को समय पर पूरा राशन उपलब्ध कराना शासन की पहली प्राथमिकता है। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।