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Dhar News: फरार निलंबित पोस्ट मास्टर गिरफ्तार, फिनेकल आईडी का दुरुपयोग कर किया शासकीय राशि का दुरुपयोग

Fri, 06 Feb 2026 08:29 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार प्रधान डाकघर में शासकीय योजनाओं की राशि के गबन मामले में फरार पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिनेकल सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग से लाड़ली लक्ष्मी व एनएससी योजनाओं में करीब 35.68 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई। 
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गिरफ्तार आरोपी
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विस्तार
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धार स्थित प्रधान डाकघर में शासकीय योजनाओं की राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में फरार आरोपी कुणाल पिता पुरुषोत्तम मकवाना, निवासी हार्जिफलिया धार, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी धार प्रधान डाकघर में पोस्ट मास्टर के पद पर पदस्थ था। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने उसे दो माह पूर्व ही निलंबित कर दिया था।

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थाना स्तर की कार्रवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार दोपहर आरोपी को धार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मिलने की संभावना है। आरोप है कि आरोपी ने फिनेकल सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग कर शासकीय योजनाओं की राशि का गबन किया। वर्ष 2019 में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत जिन भुगतानों का निष्पादन हो चुका था, उन्हें फिनेकल सॉफ्टवेयर में दोबारा लाइव दर्शाकर प्रधान डाकघर धार से पुनः नकद भुगतान किया गया। इस मामले में दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। बता दें कि कुणाल मकवाना बैडमिंटन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं, उन्हें खिलाड़ी कोटे से ही डाक विभाग में नौकरी मिली थी।

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पहले समझें मामला
डाक विभाग के इंदौर नगरेतर संभाग के अधीक्षक द्वारा विभागीय जांच कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नौगांव थाने में आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने निलंबित डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, निलंबित पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और निलंबित डाक सहायक नेपाल सिंह गुडिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने 1 मार्च से दिसंबर 2025 के बीच अनियमितताएं कीं। वर्ष 2025 में 20 अप्रैल, 30 अगस्त, 9 अक्टूबर, 11 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि ये प्रमाण पत्र लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत जारी किए गए थे, जिन्हें फिनेकल सॉफ्टवेयर में अनफ्रिज कर नकद भुगतान प्राप्त किया गया।

13 साल पहले जारी प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग
जांच में यह भी सामने आया कि निसरपुर उपडाकघर से वर्ष 2013 में जारी किए गए कुछ प्रमाण पत्र, जिन्हें डिस्चार्ज के बाद प्रधान डाकघर धार में सुरक्षित रखा गया था, उन्हें अनधिकृत रूप से ट्रांसफर कर दोबारा नकद भुगतान कराया गया। इस तरह करीब 3 लाख 57 हजार 21 रुपये की शासकीय राशि का दुर्विनियोजन किया गया।

इसके अलावा, नॉन-पीओएसबी चेक के माध्यम से जमा राशि, जो फिनेकल के 0382 ऑफिस अकाउंट में क्रेडिट होती है, उसका भी सही समायोजन नहीं किया गया। इस राशि में एसबीआई धार में 8 लाख, यूको बैंक में 5 लाख और राज्य सहकारी बैंक इंदौर में 10 लाख रुपये शामिल हैं। कुल 23 लाख रुपये की राशि का अनधिकृत रूप से अन्य खातों में समायोजन कर गबन किया गया।

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35 लाख 68 हजार रुपये का गबन
जांच के बाद अनियमितता पाए जाने पर डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और डाक सहायक नेपाल सिंह गुडिया को निलंबित किया गया। पुलिस ने इस मामले में 6 जनवरी को प्रकरण दर्ज किया था। आरोपियों द्वारा कुल 35 लाख 68 हजार रुपये का गबन किया गया है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत ने बताया कि पोस्ट ऑफिस प्रकरण में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की पूछताछ की जा रही है।

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