धार के बदनावर में पत्रकार राजेंद्र माथुर की प्रतिमा की अनावरण किया गया।
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बदनावर नगर परिषद द्वारा शुक्रवार को महाराणा प्रताप, सरदार वल्लभभाई पटेल और मूर्धन्य पत्रकार राजेंद्र माथुर की प्रतिमाओं के भव्य अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर ने कहा कि ये प्रतिमाएं हमारी आने वाली पीढ़ियों को जागरूक करती रहेंगी। महाराणा प्रताप ने मातृभूमि प्रेम सिखाया, सरदार पटेल ने देश को एकसूत्र में पिरोया और राजेंद्र माथुर ने साबित किया कि कलम की धार तलवार से भी तेज होती है।
राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और सरदार पटेल के भारत के एकीकरण में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदनावर के लिए यह गौरव की बात है कि पत्रकारिता के स्तंभ राजेंद्र माथुर यहीं के सपूत थे। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने तीन महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित करने को बदनावर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप स्वाभिमान के प्रतीक थे, और सरदार पटेल ने भारत की अखंडता को साकार किया। अगर पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज भारत की स्थिति और बेहतर होती। दत्तीगांव ने राजेंद्र माथुर की पत्रकारिता के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके विचार देश की दिशा और दशा तय करते थे। आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार और एमपीसीए अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने की।
रज्जू बाबू के नाम पर हो शासकीय महाविद्यालय का नाम
कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद अध्यक्ष मीना शेखर यादव के स्वागत भाषण से हुई। संचालन सुजीत धोड़पकर ने किया और आभार नप उपाध्यक्ष राजेंद्रसिंह पंवार ने व्यक्त किया। जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पं. छोटू शास्त्री ने मांग की कि बदनावर के शासकीय महाविद्यालय का नाम राजेंद्र माथुर (रज्जू बाबू) के नाम पर रखा जाए। समारोह के दौरान महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण बड़ी चौपाटी पर, और सरदार पटेल व राजेंद्र माथुर की प्रतिमाओं का अनावरण बस स्टैंड पर किया गया।
मंच पर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रतापसिंह, अभिनेता राहुलसिंह, पूर्व सांसद छतरसिंह दरबार और गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।