पुलिस जवान शहर में भ्रमण करते हुए
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भोजशाला परिसर को लेकर उच्च न्यायालय के आदेशों के परिपालन में जिला एवं पुलिस प्रशासन ने एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों, धर्मगुरुओं, आगंतुकों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और शहर में शांति व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें।
प्रशासन की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश और निर्देश पूरी तरह से बाध्यकारी हैं और इनका सख्ती से पालन कराया जाएगा। भोजशाला परिसर में न्यायालय के निर्देशों के विपरीत या बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की पैनी नजर
जिला और पुलिस प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी अन्य संचार माध्यम से भ्रामक, भड़काऊ, अप्रमाणित या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित न करें। ऐसा करने वालों पर साइबर सेल और पुलिस की कड़ी नजर है। इसके साथ ही, मीडिया प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करें और किसी भी प्रकार की उत्तेजक या भ्रामक खबरों के प्रसारण से बचें।
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शांति और सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता
कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए भोजशाला परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके। जिला प्रशासन ने सभी समुदायों से न्यायिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का शासन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने आमजन को संदेश देते हुए कहा है कि शांति बनाए रखें अफवाहों से बचें , कानून का सम्मान करें राष्ट्रहित में सहयोग करें।