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Water Crisis: 45 डिग्री की तपिश में बूंद-बूंद को तरसे 170 आदिवासी परिवार, पाइपलाइन बिछी लेकिन नल कनेक्शन गायब

Wed, 20 May 2026 03:51 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

मनावर नगर पालिका के वार्ड 15 में पाइपलाइन बिछने के बावजूद 170 आदिवासी परिवारों को नल कनेक्शन नहीं मिले हैं। भीषण गर्मी में लोग टैंकरों और दूषित पानी पर निर्भर हैं। बढ़ते जल संकट और बीमारियों के बीच पार्षद ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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पानी के लिए तरस रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक तरफ आसमान से आग बरस रही है और तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है, वहीं दूसरी तरफ मनावर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 15 (काली किराय) में 170 आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वार्ड में पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन नगर पालिका की 'कागजी कार्रवाई' के फेर में अब तक घरों में नल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। यह घोर प्रशासनिक लापरवाही आदिवासी परिवारों के लिए 'जले पर नमक छिड़कने' जैसी साबित हो रही है।

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महंगे टैंकरों का सहारा
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जल संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। वार्ड के सभी पारंपरिक जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं और पास की मान नदी भी सूखने की कगार पर है। मजबूरी में लोगों को या तो मीलों भटककर पानी लाना पड़ रहा है या फिर महंगे दामों पर पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। जो परिवार टैंकर का खर्च नहीं उठा सकते, वे दूषित जल पीने को मजबूर हैं।

बीमार हो रहे लोग
वार्ड की महिलाओं का कहना है कि सुबह या देर शाम को कड़ी मशक्कत के बाद बमुश्किल दो-चार घड़े पीने का पानी जुट पाता है। दूषित जल के उपयोग के कारण अब परिवारों में लोग बीमार पड़ने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य का खतरा भी मंडराने लगा है। स्थानीय निवासी सुरमा वास्केल और मुनी बारिया ने इस संकट पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, सरकार भले ही हमें खाने-पीने की सामग्री न दे, लेकिन कम से कम जीने के लिए पानी की आपूर्ति तो सुनिश्चित करे।
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उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
नगर पालिका की इस लापरवाही पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गुस्सा भी फूटने लगा है। वार्ड की पार्षद अनिता दिलीप सिंघार ने इस विकट स्थिति के लिए सीधे तौर पर नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कागजी कार्रवाई का बहाना छोड़कर जल्द ही वार्डवासियों को नल कनेक्शन नहीं दिए गए, तो वे लोगों के साथ मिलकर सड़क पर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।

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