धार सहित आसपास के जिलों से भी लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। इधर, सर्वे के दौरान उत्खनन में भोजशाला परिसर से मिली 94 मूर्तियों को पुनः स्थापित किए जाने की मांग हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने एएसआई से की है। दरअसल, रविवार को हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में मां वाग्देवी के प्रतीक स्वरूप की स्थापना कर पूजन की शुरुआत की गई थी। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब पूरे 24 घंटे मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। पिछले तीन दिनों से समाज द्वारा प्रतिदिन मां का पूजन किया जा रहा है।
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भोजशाला में सत्याग्रह के बाद हिंदू समाज के लोगों ने अखंड ज्योति मंदिर के सामने जमकर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाया। करीब एक घंटे तक लोगों ने पटाखे फोड़े। इस दौरान युवाओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला। लोग अपने घरों से भी पटाखे लेकर पहुंचे थे। करीब एक घंटे तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा। लोगों ने सरकार से मांग की कि मां वाग्देवी की लंदन में रखी प्रतिमा को वापस लाकर भोजशाला में स्थापित किया जाए।
प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्राचार
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि मां वाग्देवी की मूर्ति को लंदन से वापस लाने की दिशा में प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटिश संग्रहालय, लंदन से वापस लाकर भोजशाला, धार में स्थापित किया जाए। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, मुख्यमंत्री कार्यालय तथा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को भी पत्र भेजे गए हैं।