देवास में साइबर ठगी के एक मामले में पर कार्रवाई।
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देवास में साइबर ठगी के एक मामले में आरोपियों से बड़े पैमाने पर लेनदेन कर उन्हें संरक्षण देना कमलापुर थाने के तत्कालीन प्रभारी और चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी को भारी पड़ गया। शिकायत मिलने के बाद एसपी पुनीत गेहलोद ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मामले की जांच कन्नौद एएसपी सौम्या जैन को सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार, कमलापुर थाना क्षेत्र के चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र पर एक युवक ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान कमलापुर थाना प्रभारी उपेंद्र नाहर और चापड़ा केंद्र प्रभारी राकेश नरवरिया आरोपियों तक पहुंच तो गए, लेकिन इस बीच दोनों ने उनसे बड़ी राशि का लेनदेन कर उन्हें संरक्षण दिया।
पांच आरोपी भेजे गए जेल
शिकायत एसपी तक पहुंचने के बाद प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होती दिखी। इसी के चलते कुछ दिन पहले ही थाना प्रभारी नाहर को कमलापुर से हटाकर कन्नौद भेजा गया था। अब दोनों एसआई नाहर और नरवरिया को निलंबित कर दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में एक अन्य पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी शिकायत आई है, जिसकी जांच भी जारी है। इधर कमलापुर पुलिस ने ठगी मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि
सूत्रों ने बताया कि शिकायत के बाद एसपी ने गंभीरता से जांच कराई। जांच टीम ने चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र और कमलापुर थाने के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। प्रथम दृष्टया दोनों की संलिप्तता सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि उपेंद्र नाहर पहले चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी थे और लंबे समय से इसी क्षेत्र में पदस्थ थे।
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आधिकारिक बयान
इस मामले पर एसपी पुनीत कहते हैं कि ठगी के एक मामले में दोनों एसआई के खिलाफ गंभीर शिकायत मिली थी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद दोनों को निलंबित किया गया है। मामले की जांच कन्नौद एएसपी को सौंपी गई है।