चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे भक्त
चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के पहले दिन मंदिरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोग मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा देवी के मंदिर में पहुंचे। जहां हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की। महिलाएं, बच्चे, बड़े बुजुर्ग पैदल चलते हुए जय माता दी के नारे लगाते हुए चामुंडा माता के मंदिर पहुंचे। भक्तगण हाथों में फूल, माला लिए लाइनों में लगकर मां के दर्शन और पूजा करते नजर आए।
बता दें कि देवास में मां चामुंडा का टेकरी (पहाड़ों) पर प्राचीन विशाल मंदिर है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां चामुंडा का विशेष शृंगार किया गया है। चामुंडा माता के मंदिर में सुबह महाआरती की गई, इस दौरान हजारों की संख्या में भक्त मंदिर में पहुंचे हुए थे। महाआरती में सभी भक्तों ने मां का आशीर्वाद लिया।
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नव वर्ष मंगलमय हो इसी कामना के साथ श्रद्धालु मां तुलजा भवानी के दरबार में अपनी अर्जी लेकर पहुंचे। वहीं पुजारी ने बताया कि मां का विशेष शृंगार किया गया है। देवास ही नहीं बल्कि आसपास से माता के दर्शन करने के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। पूरा मंदिर भक्तों से भरा हुआ है। हर कोई मां के आशीर्वाद के साथ नए साल की शुरुआत करना चाह रहा है, इसलिए महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लाइनों में लगकर मां के दर्शन कर रहे हैं। साथ ही पूजा पाठ कर रहे हैं। आपको बता दें कि नवरात्रि के पावन पर्व पर लाखों भक्त देश के कोने-कोने से मां चामुंडा के दर्शन करने पहुंचते हैं।
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मंदिर में आने वाले हर भक्त की मनोकामना होती है पूरी
देवास में स्थित प्रसिद्ध मां चामुंडा मां तुलजा भवानी माता मंदिर में दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यहां पर श्रद्धालु पहुंचे, जहां मंदिर में सुबह आरती में सम्मिलित होकर मां की पूजा आराधना की। मंदिर की मान्यता है कि यहां पर आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। मां का मंदिर अति प्राचीन और यहां मां अपने भक्तों को तीन रूपों में दर्शन देती है मंदिर में कई ऋषि मुनियों ने तपस्या की है और मंदिर एक सिद्ध क्षेत्र कहा जाता है। मान्यता है कि देवास टेकरी का यह क्षेत्र माता के रक्तबीज गिरने से रक्तपीठ बना। इसी के अतिरिक्त देवास रियासत की कुलदेवी भी मां चामुण्डा और मां तुलजा भवानी है। इसी कारण भक्तों की यहां असीम आस्था है।
मां तुलजा भवानी
मां चामुंडा माता