स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल।
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देवास में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन, इन सेवाओं में लापरवाही भी देखने को मिल रही है। गुरुवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अपने भ्रमण के दौरान भोपाल रोड पर बिना नंबर की एक एंबुलेंस देखी। उन्होंने काफिला रुकवाकर एंबुलेंस की जांच करने के निर्देश दिए और पुलिस को इसकी सूचना दी।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उज्जैन के भ्रमण कार्यक्रम के तहत भोपाल रोड स्थित जेतपुरा के पास से गुजर रहे थे, जब उन्होंने बिना नंबर की एक एंबुलेंस देखी। उन्होंने तुरंत काफिला रुकवाकर एंबुलेंस के चालक से चर्चा की और गाड़ी में नंबर नहीं होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने एंबुलेंस को थाने ले जाकर चेक किया। जांच में अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके बाद जिला मैनेजर को बुलाकर चालानी कार्रवाई की गई।
ड्राइवर बोला- मरीज को छोड़कर लौट रहा था
जननी एक्सप्रेस के चालक कुंदन कुशवाह ने बताया कि वह शिप्रा से नाग महाराज फाटे पर एक मरीज को छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान जेतपुरा के पास मंत्री जी ने गाड़ी को रोककर चेक करवाने के लिए कहा।
जांच में मिलीं अनियमितताएं
यातायात थाना प्रभारी पवन कुमार बागड़ी ने बताया कि मंत्रीजी ने कंट्रोल रूम को निर्देश दिया था कि बिना नंबर की एंबुलेंस को जांचा जाए। थाने में जांच के दौरान पता चला कि गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था और अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का था। चालक ने यह भी बताया कि कुछ दिनों पहले हुए एक्सीडेंट के कारण नंबर प्लेट टूट गई थी, जो गाड़ी में रखी है, अभी तक लगाई नहीं गई थी। जिला मैनेजर को बुलाकर गाड़ी की कमियां दूर करवाने और नियमानुसार चालानी कार्रवाई करने के बाद एंबुलेंस को छोड़ दिया गया।