देवास। सोनकच्छ क्षेत्र के चौबारा-धीरा रोड स्थित ग्राम बैराखेड़ी के पास शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बैराखेड़ी के खतरनाक 90 डिग्री अंधे मोड़ पर एक आयशर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में वाहन में सवार पांच मजदूर प्याज की भारी बोरियों के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार आयशर वाहन क्रमांक MP 09 GG 3681 बैराखेड़ी फाटे की ओर से आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन तेज रफ्तार में था। जैसे ही गाड़ी बैराखेड़ी के पास बने 90 डिग्री के अंधे मोड़ पर पहुंची, चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क किनारे पलट गई।
हादसे के बाद चालक मौके से फरार
बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन से कूदकर मौके से फरार हो गया, जबकि मजदूर प्याज की बोरियों के नीचे दबे तड़पते रहे। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंची। इसके साथ ही ग्राम बैराखेड़ी के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने रातभर चलाया रेस्क्यू
ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्याज की भारी बोरियों को हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की। अंधेरी रात और भयावह हालात के बीच ग्रामीण देर रात तक लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे रहे। सूचना मिलने पर पीपलरावा थाना प्रभारी सुबोध गौतम और बालोन चौकी प्रभारी कपिल नरवरे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पुलिस टीम और ग्रामीणों के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। जेसीबी मशीन की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया और काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल में तीन मजदूरों की मौत
सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल सोनकच्छ पहुंचाया गया। यहां उपचार के दौरान तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दो गंभीर घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर ग्राम बालोन के निवासी हैं।
खतरनाक मोड़ पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि बैराखेड़ी गांव के पास बना यह 90 डिग्री का अंधा मोड़ लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। इससे पहले भी यहां कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक यहां कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा रेलिंग या स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं।
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ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा इंतजाम की मांग
लगातार हो रहे हादसों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत बड़े चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है।