मध्यप्रदेश के देवास में चामुंडा स्टैंडर्ड मिल के श्रमिकों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। गुरुवार को महिलाओं का हुजूम उमड़ा और कलेक्टर को ज्ञापन देने गए। कलेक्टर नहीं आए तो महिलाओं ने हाईवे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।
मध्यप्रदेश के देवास में चामुंडा स्टैंडर्ड मिल के श्रमिक बकाया रुपये के लिए कई समय से संघर्ष कर रहे हैं। शासन-प्रशासन तक मांगें पहुंचाने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार को महिलाओं का हुजूम उमड़ा और कलेक्टर को ज्ञापन देने गए। कलेक्टर नहीं आए तो महिलाओं ने हाईवे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान खूब नारेबाजी हुई। पुलिस ने स्थिति संभाली। इसके पहले श्रमिकों ने सीएम के फोटो की आरती भी उतारी थी।
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हड़ताल को एक महीने हुए पर सुनवाई नहीं हो रही
महिलाओं और श्रमिकों ने की नारेबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल चामुंडा स्टैंडर्स मिल कंपनी बालगढ़ के श्रमिक अपने बकाया रुपये दिलाए जाने की मां को लेकर संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में काफी समय से संघर्षरत हैं। कंपनी के श्रमिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को करीब एक माह से ज्यादा हो गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। श्रमिकों ने अब तक सात से आठ बार आवेदन व ज्ञापन दिया है। कुछ दिन पहले झांझ-मंजीरे बजाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे मगर किसी ने नहीं सुनी।
कंपनी के श्रमिक बाबूलाल मंडलोई एवं केसरसिंह गुर्जर ने बताया गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस महामंत्री प्रदीप चौधरी एवं समाजसेवी इंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में समस्त श्रमिक घर-परिवार की महिलाओं के साथ सडक़ पर उतरे। पूरे बालगढ़ में नारेबाजी कर रैली निकाली। बालगढ़ रोड़ स्थित भोलेनाथ मंदिर पहुंचे। जहां श्रमिकों ने भोलेनाथ की आरती कर प्रदर्शन रैली को आगे बढ़ाया। वहां से समस्त श्रमिक व महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करती हुई रैली के रूप में चलना प्रारंभ हुई। रैली मीरा बावड़ी, केदारेश्वर मंदिर, महेश टॉकीज, तीन बत्ती चौराहा, नॉवेल्टी चौराहा, तहसील चौराहा होते हुई जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची।
पहले कलेक्टर कार्यालय के बाहर दिया धरना, फिर किया चक्काजाम
अधिकारियों से बात करते शहर कांग्रेस अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद श्रमिक अड़ गए कि कलेक्टर को ही ज्ञापन देंगे। उनसे ही बात करेंगे। लेकिन कलेक्टर ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए। इस पर नाराज श्रमिक कलेक्टर कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कुछ देर श्रमिकों को संबोधित करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन पर तंज कसा। कलेक्टर जब मौके पर ज्ञापन लेने नही पहुंचे तो सभी श्रमिकों व महिलाओं ने मुख्य गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन उसके फिर भी कलेक्टर नहीं मिले। आक्रोशित होकर समस्त पीड़ित श्रमिक और महिलाओं ने मिलकर एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
हाईवे पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयप्रकाश शास्त्री पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। अंत में श्रमिकों ने डिप्टी कलेक्टर अभिषेक सिंह एवं तहसीलदार पूनम तोमर को ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सात दिन के अंदर कंपनी के मुख्य लोगों से बैठक करवाकर जल्द समस्या का निराकरण करवाएंगे। आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- विधायक-सांसद क्यों नहीं आए
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय विधायक के खिलाफ भी आक्रोश जताया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने आरोप लगाया कि विधायक और सांसद यहां क्यों नहीं आए। उनको आना था। कांग्रेस शुरू से इन श्रमिकों के साथ है। हम अभी तक इसलिए दूर थे कि कहीं प्रशासन इसे भाजपा-कांग्रेस का नाम न दे दे। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता इनके आंदोलन में साथ देगा। विधायक-सांसद मजदूरों के हित की बात क्यों नहीं कर रहे। श्रमिक ने कहा कि विधायक के पुत्र आए थे, लेकिन बाद में कुछ नहीं हुआ। मध्यस्थता की बात की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ।