लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपते सांसद सोलंकी
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तृणमूल सांसद ने लोकसभा में जैन समाज को लेकर टिप्पणी की थी। इस मामले को लेकर सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने लोकसभा की कार्यवाही से उक्त टिप्पणी विलोपित करने की मांग की है। इस संबंध में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा है।
दरअसल, देवास-शाजापुर संसदीय सीट के सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उनको पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से निवेदन किया कि भारत में निवासरत जैन समाज के अनुयायी अल्पसंख्यक होकर अहिंसा के पक्षधर रहे हैं। जैन समाज की जीवन शैली में हिंसा व मांसाहार का कोई स्थान नहीं है। सासंद सोलंकी ने कहा कि बहुत ही दुख के साथ आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि 4 फरवरी को पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण देते समय जैन समाज जैसे शांतिप्रिय अनुशासित तथा सम्मानीय समाज के युवाओं के प्रति मांसाहार को लेकर प्रतिकूल टिप्पणी की है। मोइत्रा की टिप्पणी निंदनीय, अशोभनीय व घोर आपत्तिजनक है। मोइत्रा की आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणी से भारत में निवासरत सम्माननीय जैन समाज के अनुयायी ही नहीं अपितु पूरे विश्व में जैन धर्म का अनुसरण करने वाले अनुयायी व विश्वास रखने वाले लोग आहत एवं व्यथित हुए हैं। ऐसी स्थिति में मोइत्रा के भाषण में आए आपत्तिजनक भाग को लोकसभा की कार्यवाही से हटाया जाना न्यायोचित होगा। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सांसद सोलंकी को न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।