कार्रवाई करते हुए खाद्य विभाग की टीम
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रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटी और प्रतिबंधित एनालॉग मावे के इस्तेमाल के खिलाफ देवास में खाद्य विभाग और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शहर की अलग-अलग मिठाई दुकानों पर जांच की गई। दो दुकानों से एनालॉग मावा और उससे तैयार मिठाइयों के सैंपल लिए गए, जबकि करीब 600 किलो मावे से बनी मिठाइयों का स्टॉक मिलने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन को शहर में प्रतिबंधित एनालॉग मावे का इस्तेमाल कर मिठाइयां तैयार करने और बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर की दो दुकानों पर जांच की। जांच के दौरान दुकानों पर एनालॉग मावा और उससे तैयार की गई मिठाइयां मिलीं। टीम ने मावे और मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत दो दुकानों पर कार्रवाई की गई। मौके से एनालॉग मावे और उससे तैयार मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन के मुताबिक एनालॉग मावे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है और इसके सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसी के चलते कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से एनालॉग मावा मिलने पर मावा जब्त करने के साथ संबंधित दुकानों को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां भी प्रतिबंधित एनालॉग मावे या उससे तैयार मिठाइयों के इस्तेमाल और बिक्री की सूचना मिलेगी, वहां जांच की जाएगी। रक्षाबंधन को देखते हुए खाद्य विभाग और प्रशासन आने वाले दिनों में भी दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रखेगा। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता है।