मध्यप्रदेश के अनेक स्थानों पर वर्षा की झड़ी लगी रहने के दौरान झाबुआ जिले में भारी बारिश होने से इस क्षेत्र का सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस दौरान शिवपुरी में बिजली गिरने से एक बालक की मृत्यु होने के साथ राज्य में वर्षा एवं वर्षाजनित हादसों में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
झाबुआ से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारी बारिश के चलते अनास, पंपावती और पदमावती, नदियां पूरे उफान पर हैं तथा अनास नदी में बाढ़ आने से मेघनगर एवं कल्याणपुरा कस्बों सहित कई गांवों के मार्ग बाधित हो गए हैं। बड़ी संख्या में पेड़ धराशाई हो गए हैं, कई मवेशी बह गए और खेतों में पानी भर गया है।
राजधानी भोपाल में भी बारिश की स्थिति यथावत है। यहां भोजताल, बड़े तालाब-का जलस्तर 1664.30 फुट हो गया है जो अपनी संपूर्ण भराव क्षमता से मात्र ढाई फुट खाली है। इस झील में वर्ष 2006 के बाद इतना पानी आया है। भोपाल में एक पखवाड़े से अधिक समय से लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हुए हैं। यहां एक जून से अब तक 813.2 मिमी. बारिश हुई है, जो सामान्य से 126.5 मिमी. अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक झाबुआ में 20 सेमी., रतलाम में 6 सेमी., सुवासरा एवं मनासा में 5 सेमी., सीधी एवं भानपुरा में 3 सेमी., जबलपुर, पचमढ़ी, राजगढ़ सतना एवं नौगांव में 2 सेमी., तथा मंदसौर, इंदौर, ग्वालियर टीकमगढ़, एवं दतिया में एक-एक सेमी. वर्षा दर्ज की गई है।
विभाग ने अगले 24 घंटों में ग्वालियर चंबल और उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के साथ अन्य स्थानों पर भी गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की है।