उन्होंने कहा कि यही युवा आज देश, प्रदेश के भविष्य का नव निर्माण करेंगे। यदि आज इनका ही भविष्य अंधकार में रहेगा तो मध्यप्रदेश के भविष्य का क्या होगा? आज यही चुनौती हमारे सामने है। आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आज हमारे देश की संस्कृति पर आक्रमण हो रहा है। हमारे देश की और कांग्रेस की संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है, हम दिल जोड़ते हैं, संबंध जोड़ते हैं, रिश्ता जोड़ते हैं।
आज विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां इतने धर्म, इतनी जातियां, इतनी भाषा, इतने रीति-रिवाज, इतने त्यौहार, इतने देवी देवता हों और उसके बाद भी आज हम सभी एक झंडे के नीचे खड़े हैं। आज हमारा देश इसी संस्कृति को अपनाकर एक झंडे के नीचे खड़ा है। बाबा साहेब आंबेडकर जी ने हमें ऐसा सविधान दिया, जिसकी आज पूरे विश्व में प्रशंसा होती है। उन्होंने बहुत अच्छा संविधान बनाया, लेकिन यदि अच्छा सविधान गलत हाथों में चले जाए तो इस देश का क्या होगा?
कमलनाथ ने कहा कि मैं आज युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि यह जो लड़ाई है, संघर्ष है, यह देश के, प्रदेश के भविष्य के लिए है व आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। आज भाजपा के पास सिर्फ़ तीन चीजें ही बची हैं, पुलिस, पैसा और प्रशासन। याद रखिये जो हमारे युवा कांग्रेस के साथी हैं, वो ना इनकी पुलिस से दबेंगे, ना इनके पैसे से दबेंगे और ना इनके प्रशासन से दबेंगे। कमलनाथ ने कहा कि आज हम सब संकल्प लें। हमें पूरा विश्वास है कि आप सभी ने ठान लिया तो मध्यप्रदेश की विधानसभा में 2023 में कांग्रेस के झंडे को लहराने से कोई नहीं रोक सकता है।
युवा कांग्रेस के कार्यक्रम को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री और विधायक सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस नेता अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी, राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास, विधायक कुणाल चौधरी, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया समेत अन्य कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।